Ayatollah Ali Khamenei: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम श्रद्धांजलि को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। करीब 4 महीने तक उनके पार्थिव शरीर को विशेष संरक्षण में रखने के बाद अब अंतिम विदाई देने की तारीख 9 जुलाई तय कर दी है। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि इस अंतिम यात्रा में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। यह संख्या ईरान की करीब 21.5 प्रतिशत आबादी है। जो इसे देश के इतिहास की सबसे बड़ी जनसभाओं में शामिल कर सकती है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात कर खामेनेई की शहादत पर संवेदना भी व्यक्त की है।
तेहरान से शुरू होकर मशहद में संपन्न होगा विदाई समारोह
पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार 4 जुलाई, शनिवार से तेहरान में शुरू होगा। इसके बाद विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के बीच 9 जुलाई, मंगलवार को उनके गृहनगर मशहद में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
4 जुलाई : तेहरान के इमाम खमेनी ग्रैंड प्रेयर ग्राउंड में सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक आम लोग खामेनेई के अंतिम दर्शन कर सकेंगे।
5 जुलाई: सुबह अंतिम संस्कार की विशेष नमाज अदा की जाएगी, जिसके बाद उनके जनाजे का भव्य जुलूस निकाला जाएगा।
6 जुलाई: तेहरान की प्रमुख सड़कों से जनाजा जुलूस गुजरेगा, जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
7 जुलाई: पवित्र शहर कौम में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
8 जुलाई: श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का सिलसिला इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला तक पहुंचेगा, जहां धार्मिक आयोजन होंगे।
9 जुलाई: खामेनेई के पार्थिव शरीर को वापस ईरान लाया जाएगा और उनके गृहनगर मशहद में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
भारत का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल समारोह में होगा शामिल
भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में ईरान जाएंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों 3 जुलाई को तेहरान के लिए रवाना हो रहे हैं। इसके अलावा, ईरान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को भी अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया गया है। वहीं, आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए पहले ही तेहरान पहुंच चुके हैं।
पिता की अंतिम विदाई में शामिल नहीं होंगे मोजतबा
ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से शामिल नहीं होंगे। भारत में उनके प्रतिनिधि अयातुल्ला हाकिम इलाही के मुताबिक, इजरायल की ओर से संभावित हमलों और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी (सर्विलांस) के खतरे को देखते हुए ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने की सलाह दी है। इसी वजह से मोजतबा खामेनेई अंतिम संस्कार के मंच या जनसभा में नजर नहीं आएंगे, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के बीच निजी तौर पर अंतिम रस्मों में उनकी मौजूदगी की संभावना जताई जा रही है।
2 करोड़ लोगों के स्वागत की तैयारी
इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कुरान पाठक, धार्मिक कवि और सांस्कृतिक समूह श्रद्धांजलि प्रस्तुत करेंगे। 2 करोड़ से ज्यादा लोगों के जुटने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में आवागमन के लिए मेट्रो और बस सेवाएं पूरी क्षमता से चलाई जाएंगी। पूरे शहर में विशेष ट्रैफिक कंट्रोल ज़ोन बनाए गए हैं, जबकि पांच बड़े सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं के लिए पीने का पानी, भोजन, चिकित्सा सहायता, स्वच्छता सुविधाएं और नमाज अदा करने की व्यवस्था की गई है।
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