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लोकसभा में रिजिजू और अखिलेश यादव के बीच तीखी बहस, इमरजेंसी और छात्र आंदोलन पर आमने-सामने आए दोनों नेता

by | Jul 28, 2026 | News Big

Kiren Rijiju Akhilesh Yadav Lok Sabha Debate: संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को लोकसभा में परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक रोकने से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव के बीच इमरजेंसी और छात्र आंदोलनों को लेकर जोरदार शब्दों का आदान-प्रदान हुआ। बहस के दौरान रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष पर निशाना साधा, जबकि अखिलेश यादव ने सरकार की नीयत और छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।

रिजिजू ने इमरजेंसी का किया जिक्र

विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने छात्रों की आवाज सुनते हुए संसद में कानून लाने का फैसला किया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या छात्रों की मांग सुनकर समाधान निकालना बेहतर है या फिर विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए इमरजेंसी जैसे कदम उठाना बेहतर होता। रिजिजू के इस बयान के बाद सदन में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया।

अखिलेश यादव का पलटवार

केंद्रीय मंत्री के बयान का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने इमरजेंसी का दौर भले ही प्रत्यक्ष रूप से न देखा हो, लेकिन हाल के घटनाक्रमों में उन्हें उसी तरह की झलक दिखाई दी है। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा कानून का नहीं बल्कि सरकार की नीयत का है। उनके अनुसार, यदि सरकार की मंशा पारदर्शी और ईमानदार होगी तो परीक्षा प्रणाली भी बेहतर तरीके से काम करेगी।

छात्र आंदोलन का किया जिक्र

अखिलेश यादव ने कहा कि छात्र आंदोलन ने यह साबित किया कि युवा अपने भविष्य को लेकर गंभीर हैं और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार को छात्रों की मांगों के आगे झुकना पड़ा और उनकी चिंताओं को स्वीकार करना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार प्रदर्शनकारियों से किए गए वादों को पूरा करेगी और परीक्षा प्रणाली में वास्तविक सुधार करेगी।

पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी सांसद ने छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। अखिलेश यादव ने कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद और विश्वास के जरिए होना चाहिए, न कि सख्ती के जरिए।

पेपर लीक कानून पर जारी है बहस

लोकसभा में जिस विधेयक पर चर्चा हो रही है, उसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना बताया जा रहा है। सरकार का दावा है कि नए संशोधनों से परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। हालांकि विपक्ष का कहना है कि केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है।

राजनीतिक माहौल हुआ गर्म

NEET पेपर लीक, छात्र आंदोलन और परीक्षा सुधारों को लेकर संसद में लगातार बहस जारी है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। रिजिजू और अखिलेश यादव के बीच हुई ताजा बहस ने इस पूरे मुद्दे को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है।

पेपर लीक और छात्र आंदोलनों को लेकर संसद में चल रही चर्चा के बीच किरेन रिजिजू और अखिलेश यादव के बीच हुई बहस ने सदन का ध्यान अपनी ओर खींचा। एक ओर सरकार खुद को छात्रों की मांगों के प्रति संवेदनशील बता रही है, वहीं विपक्ष परीक्षा प्रणाली में सुधार और सरकारी नीतियों की नीयत पर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में इस विधेयक पर चर्चा और राजनीतिक टकराव दोनों जारी रहने की संभावना है।

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