शरीर को जबरदस्त फायदे देती है साधारण सी दिखने वाली इंडियन खिचड़ी, जानिए आयुर्वेद में इस्तेमाल

स्वास्थ्य के बिगड़ते ही सबसे पहले खाने में बदलाव किया जाता है। इंडियन फैमिली की बात करें तो जैसे ही आप बीमार पड़ते तो खाने में खिचड़ी आपकी साथी बन जाती है। कई लोग खिचड़ी को देखते ही मुंह बनाने लगते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि ये मामूली सी दिखने वाली खिचड़ी आपकी बॉडी को कितना फायदा देती हैं। खिचड़ी का फायदा जानकर आप इसको जरूर अपनी डेली डाइट में शामिल कर लेंगे। खुन न्यूट्रीनिस्ट ने इसे आयुर्वेद में इस्तेमाल होने वाला खाना बताया है। चलिए जानते हैं खिचड़ी आपके शरीर को क्या-क्या फायदा देती है।

खिचड़ी को हीलिंग फूड क्यों माना जाता है

न्यूट्रीनिस्ट के मुताबिक, खिचड़ी सिर्फ़ चावल और दाल से बनने वाली एक साधारण रेसिपी नहीं है। आयुर्वेद में इसे सबसे शक्तिशाली हीलिंग फूड में से एक माना जाता है। जब कोई बीमार पड़ता है, हर समय थका हुआ महसूस करता है या उसका पाचन तंत्र कमजोर होता है, तो सबसे पहले उसे खिचड़ी खाने की सलाह दी जाती है। यह गर्म, मुलायम और पौष्टिक तत्वों से भरपूर होती है। लेकिन इससे भी बढ़कर यह शरीर को अंदर से साफ करने में मदद करती है।

वात,पित्त और कफ के लिए फायदेमंद

खिचड़ी लगभग सभी के लिए क्यों फायदेमंद है, इस बारे में बताते हुए न्यूट्रीनिस्ट कहते हैं कि आयुर्वेद में हर शरीर में तीन ऊर्जाएं या दोष होते हैं वात,पित्त और कफ। अगर ये दोष संतुलित नहीं होते, तो हम बीमार पड़ जाते हैं या कम ऊर्जा महसूस करते हैं। खिचड़ी इसलिए ख़ास है क्योंकि यह तीनों को संतुलित करती है। यह वात को शांत करने के लिए गर्म, पित्त के लिए नरम और कोमल और कफ के लिए हल्का होता है। इसलिए यह लगभग सभी के लिए फायदेमंद है।

बॉडी को डिटॉक्स करने में मददगार  

न्यूट्रीनिस्ट के अनुसार, जब हमारा पेट भारी भोजन नहीं पचा पाते हैं। आयुर्वेद कहता है कि बीमारी के इस दौरान पाचन शक्ति धीमी हो जाती है। खिचड़ी मूंग दाल और चावल से बनाई जाती है, जो पचाने में बहुत आसान होते हैं। यह पेट पर ज्यादा भार नहीं डालती। ज्यादा फायदा पाने के लिए आप खिचड़ी में घी, अदरक, हल्दी और जीरे के साथ बना सकते हैं। यह आपकी बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करती है।

उपचार में मदद, शरीर को ताकत

भले ही खिचड़ी एक साधारण खाना है,लेकिन इसमें शरीर की हर जरूरत पाई जाती है। दाल प्रोटीन देती है, चावल ऊर्जा देता है और घी पाचन और इलाज में मदद करती है। जब कोई बीमारी से उबर रहा होता है या कमजोर महसूस करता है, तो खिचड़ी पेट को नुकसान पहुंचाए बिना ताकत देती है।

Jyoti Karki

ज्योति कार्की एक युवा पत्रकार हैं जो स्वास्थ्य, महिला और बाल कल्याण की खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने मीडिया जगत में अपना कदम रखा है। ज्योति ने हिंदुस्तान, एनडीटीवी और इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से इंटर्नशिप की है। इसके अतिरिक्त, नोएडा में लोकल रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त करके उन्होंने जमीनी स्तर की पत्रकारिता की बारीकियों को समझा है।वर्तमान में ज्योति न्यूज इंडिया के साथ रिपोर्टर और कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा के प्रति उनका जुनून निरंतर बना रहता है और वे डेवलपमेंट जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। ज्योति डिजिटल मीडिया में भी सक्रिय हैं। वे पॉडकास्ट और वीडियो इंटरव्यू का निर्माण भी करती हैं।

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