अध्यात्म

जानिए क्या हैं रामचरितमानस, ऐसा था इसको लिखने वाले महान संत तुलसीदास जी का जीवन

Tulsidas Jayanti 2025: तुलसीदास जयंती हर साल श्रावण मास की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। आज पूरे देश में यह जयंती धूमधाम से मनाई जा रही हैं। जो महान कवि-संत गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्मतिथि मानी जाती है। तुलसीदास जी का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। जन्म के बाद उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कहा जाता है कि उनका बचपन बहुत संघर्षपूर्ण था और उन्हें माता-पिता से भी दूर रहना पड़ा।

तुलसीदास जी की भक्ति यात्रा

तुलसीदास जी भगवान श्रीराम के परम भक्त थे। वे जीवनभर श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने में लगे रहे। विवाह के बाद जब उनकी पत्नी रत्नावली ने उन्हें सांसारिक मोह से विरक्त होकर प्रभु की भक्ति में लीन होने की प्रेरणा दी, तब से तुलसीदास ने सांसारिक जीवन त्यागकर रामभक्ति का मार्ग अपनाया।

कितनी काव्य में लिखी गई रामचरितमानस

रामचरितमानस को तुलसीदास जी ने अवधी भाषा में लिखा, जिससे आमजन तक श्रीराम की कथा पहुँची। यह काव्य 7 कांडों में विभाजित है। बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किंधाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड। इस ग्रंथ को हिंदू धर्म में उतना ही महत्व प्राप्त है जितना संस्कृत में लिखे गए रामायण को। रामचरितमानस केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि नीति, मर्यादा, आदर्श और भक्ति का जीवंत प्रतीक है। तुलसीदास जी की अन्य रचनाएं भी हैं जैसे हनुमान चालीसा,कवितावली, विनय पत्रिका, दोहावली, रामलला नहछू, पार्वती मंगल, जानकी मंगल और बरवै रामायण।

तुलसीदास जी की भक्ति का क्या प्रभाव

  • समाज में धार्मिक जागरूकता का प्रसार।
  • संस्कृत से अलग, जनभाषा में अध्यात्म।
  • संत समाज और रामानंदी परंपरा में योगदान।
  • हनुमान भक्ति का प्रचार।

कैसे मनाई जाती है तुलसीदास जयंती?

  • मंदिरों में रामचरितमानस का पाठ।
  • हनुमान चालीसा का पाठ और भजन-कीर्तन।
  • कविता पाठ, संत-संग, और प्रवचन का आयोजन।
  • तुलसीदास जी की शिक्षाओं को याद किया जाता है।
  • वाराणसी और चित्रकूट में विशेष आयोजन।

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तुलसीदास जी न केवल एक संत और कवि थे, बल्कि भारतीय संस्कृति और भक्ति परंपरा के स्तंभ हैं। उनकी रचनाएँ आज भी लोगों को धर्म, नीति और भक्ति की राह दिखाती हैं। रामचरितमानस एक ऐसा अमर ग्रंथ है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी जीवन के आदर्शों से जोड़ती रहेगी। इस तुलसीदास जयंती पर आइए हम उनके आदर्शों को जीवन में उतारें और श्रीराम की मर्यादा,भक्ति और सेवा भावना को अपनाएं।

Jyoti Karki

ज्योति कार्की एक युवा पत्रकार हैं जो स्वास्थ्य, महिला और बाल कल्याण की खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने मीडिया जगत में अपना कदम रखा है। ज्योति ने हिंदुस्तान, एनडीटीवी और इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से इंटर्नशिप की है। इसके अतिरिक्त, नोएडा में लोकल रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त करके उन्होंने जमीनी स्तर की पत्रकारिता की बारीकियों को समझा है।वर्तमान में ज्योति न्यूज इंडिया के साथ रिपोर्टर और कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा के प्रति उनका जुनून निरंतर बना रहता है और वे डेवलपमेंट जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। ज्योति डिजिटल मीडिया में भी सक्रिय हैं। वे पॉडकास्ट और वीडियो इंटरव्यू का निर्माण भी करती हैं।

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