Wednesday, Sep 09

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कुशाग्रहणी अमावस्या 2026: इस दिन तोड़ी गई कुशा सालभर क्यों मानी जाती है पवित्र

Kushagrahani Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन पितरों का स्मरण, तर्पण और दान जैसे धार्मिक कार्य किए जाते हैं। भाद्रपद अमावस्या को कुशाग्रहणी अमावस्या भी कहा जाता है। इस साल यह तिथि 10 सितंबर 2026 को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुशा घास को ग्रहण कर सालभर के लिए सुरक्षित रखने की परंपरा है। आइए जानते हैं कि कुशाग्रहणी अमावस्या क्या है और इस दिन तोड़ी गई कुशा को इतना पवित्र क्यों माना जाता है।

कुशाग्रहणी अमावस्या क्या है

कुशाग्रहणी अमावस्या भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को कहा जाता है। इस दिन कुशा घास को तोड़कर रखने की परंपरा के कारण इसका यह नाम पड़ा है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन ग्रहण की गई कुशा को पूरे साल पूजा-पाठ, श्राद्ध, तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में उपयोग किया जा सकता है। कुशा को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र माना गया है। पूजा के दौरान कुशा से बने आसन पर बैठने, संकल्प लेने और पितृ कर्म करने की परंपरा है। हवन और यज्ञ जैसे अनुष्ठानों में भी इसका उपयोग किया जाता है। मान्यता है कि कुशा धार्मिक कार्यों में शुद्धता और पवित्रता बनाए रखने में सहायक होती है।

इस दिन तोड़ी गई कुशा क्यों है खास

शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, कुशाग्रहणी अमावस्या पर कुशा को विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ ग्रहण किया जाता है। इसके बाद इसे साफ करके सुरक्षित रख लिया जाता है, ताकि पूरे साल धार्मिक कार्यों में उपयोग किया जा सके। मान्यता है कि इस दिन लाई गई कुशा को बासी या अशुद्ध नहीं माना जाता। हालांकि, कुशा तोड़ते समय सावधानी बरतने की परंपरा है। इसे जड़ से उखाड़ने के बजाय जितनी आवश्यकता हो, उतनी ही कुशा तोड़नी चाहिए। कई स्थानों पर भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भी कुशा ग्रहण करने की परंपरा मिलती है।

कुशा का धार्मिक महत्व

कुशा का उपयोग पूजा-पाठ, व्रत, संकल्प, हवन, यज्ञ, श्राद्ध और तर्पण जैसे कार्यों में किया जाता है। विशेष रूप से पितृ कर्म में इसे महत्वपूर्ण माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कुशा की उपस्थिति अनुष्ठान को पवित्रता प्रदान करती है। इसलिए कुशाग्रहणी अमावस्या पर कुशा को ग्रहण कर सालभर सुरक्षित रखने की परंपरा को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

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