India LPG supply news: देश में एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इस कदम से बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशों को रोका जा सकेगा और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सकेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में कुछ उपभोक्ताओं के व्यवहार में बदलाव देखा गया है। पहले जो लोग लगभग 55 दिनों में सिलेंडर बुक करते थे, वे अब केवल 15 दिनों के भीतर नया सिलेंडर बुक करने लगे हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग अतिरिक्त सिलेंडर जमा करके बाजार में कमी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार ने रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी उत्पादन बढ़ाएं ताकि घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सके। इसके साथ ही स्पष्ट किया गया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को वाणिज्यिक कनेक्शनों की तुलना में प्राथमिकता दी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी भी घर में गैस की कमी न हो और आम उपभोक्ता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एलपीजी के नए अंतरराष्ट्रीय स्रोत भी तलाश रहा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार कई देशों ने भारत को एलपीजी आपूर्ति करने में रुचि दिखाई है। इन देशों में अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे शामिल हैं। इन देशों से संभावित समझौते होने से भारत को ऊर्जा आपूर्ति के नए विकल्प मिल सकते हैं और भविष्य में किसी संकट की स्थिति से निपटना आसान होगा।
सरकारी सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। उनका कहना है कि जब तक कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत 130 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर नहीं जाती, तब तक भारत में ईंधन की कीमतों में वृद्धि की जरूरत नहीं पड़ेगी। सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में कच्चे तेल की कीमत लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने की उम्मीद है। इस कारण देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर कोई खतरा नहीं है।
सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल की कमी होने की आशंका नहीं है। इसके अलावा कच्चे तेल की आपूर्ति केवल होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग पर निर्भर नहीं रखी जा रही है। सरकार अन्य समुद्री मार्गों और आपूर्ति स्रोतों के जरिए भी कच्चा तेल मंगाने की प्रक्रिया तेज कर रही है, ताकि किसी एक मार्ग पर निर्भरता कम हो सके।
सरकारी सूत्रों ने यह भी बताया कि विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) को लेकर भी किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है। भारत खुद एटीएफ का उत्पादक और निर्यातक देश है, इसलिए घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत ऊर्जा आपूर्ति के मामले में कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। पर्याप्त भंडार, विविध आयात स्रोत और घरेलू उत्पादन की क्षमता के कारण देश में ईंधन की उपलब्धता स्थिर बनी हुई है।
सरकार का मानना है कि एलपीजी बुकिंग अवधि बढ़ाने, उत्पादन बढ़ाने और नए आपूर्ति स्रोत तलाशने जैसे कदमों से आने वाले समय में भी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी और आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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