UP Snakebite Deaths: मॉनसून में लगातार बारिश के साथ उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में सर्पदंश के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते जनवरी से जून माह तक 194 लोगों को सांप ने डसा है। इसमें अब तक 5 लोगों की मौत की बात सामने आई और 2 लोगों को बड़े अस्पताल में इलाज के लिए रेफर किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर मौतें झाड़-फूंक के चक्कर में और इलाज में देरी होने की वजह सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश होने पर बिना समय गंवाए सीधे अस्पताल पहुंचें।
झाड़-फूंक के कारण गई कई लोगों की जान
जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से 15 जून तक 194 लोग सांप के काटने का शिकार हुए। इनमें अकेले जुलाई के पहले पंद्रह दिनों में 31 मामले सामने आए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीजों की जान एंटी स्नेक वेनम यानी एएसवी इंजेक्शन से बचाई गई और दो को हायर सेंटर रेफर किया गया। पांच लोगों की मौत की बात भी सामने आई है वो इसलिए क्योंकि उनके परिजन पहले झाड़-फूंक और तांत्रिकों के चक्कर में पड़े रहे और इलाज में देरी हो गई। साल 2025 में जिले में सर्पदंश के 255 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें 2 लोगों की मौत हुई थी। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने पर सर्पदंश के अधिकांश मरीजों को बचाया जा सकता है।
ACMO की अपील- झाड़-फूंक में समय न गंवाएं
इस संबंध में एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि हम लोग आईडीएसपी पोर्टल पर इसकी समीक्षा करते रहते हैं कि कितने सांप के काटे हुए हैं। इनमें अब तक जनवरी 2026 से जून 2026 तक कुल 194 केस रिपोर्ट हुए हैं जिनको सांप ने काटा, जिसमें 2 मरीज यहां से रेफर किए गए बाकी सब हमारे यहां ठीक हुए हैं। उन्होंने बताया कि मैनपुरी में पर्याप्त मात्रा में एएसबी है पर्याप्त वैक्सीन भी हैं, एंटी स्नेक वेनम है जिससे सांप काटे का इलाज किया जा सके। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को सांप काटता है, जैसे ही सर्पदंश की सूचना मिले वैसे ही वह अपना समय खराब ना करें वह समय बहुत ही महत्वपूर्ण होता है तुरंत उसको जिला अस्पताल लेकर आए, जिसके लिए सरकारी एंबुलेंस भी मौजूद रहती हैं। जिला अस्पताल आए और अपना इलाज कराएं। उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम है और ऐसे में रात के समय घर से टॉर्च लेकर निकले। उन्होंने कहा कि कूड़े-कचरे के ढेर घरों के पास ना लगाए और साफ-सफाई का ध्यान जरूर रखें।

