Mehndi Design Astro Tips: कजरी तीज के मौके पर महिलाएं सोलह शृंगार करती हैं और हाथों में मेहंदी लगाती हैं। इस बार 31 अगस्त को कजरी तीज मनाई जाएगी। आजकल मेहंदी के डिजाइन में देवी-देवताओं की आकृतियां बनवाने का चलन भी बढ़ा है। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हथेली या पैरों पर भगवान की तस्वीर बनवाना उचित नहीं माना जाता।
अशुद्धता को माना जाता है वजह
मान्यता के अनुसार, हाथों में लगी मेहंदी कई दिनों तक रहती है। इस दौरान इन्हीं हाथों से घर की सफाई, बर्तन धोने और दूसरे दैनिक कार्य किए जाते हैं। ऐसे में भगवान की आकृति वाली मेहंदी का अशुद्ध स्थानों के संपर्क में आना धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।
पैरों पर भगवान की आकृति से बचें
पैरों पर देवी-देवताओं की आकृति बनवाने को भी धार्मिक मान्यताओं में वर्जित माना गया है। पैर शरीर का ऐसा हिस्सा हैं, जो रोजाना जमीन और कई तरह की अशुद्ध चीजों के संपर्क में आते हैं। इसलिए मेहंदी में भगवान के चित्र बनाने से बचने की सलाह दी जाती है।
मेहंदी छूटने पर भी मानी जाती है परेशानी
मेहंदी धीरे-धीरे छूटती है तो उसमें बनी भगवान की आकृति भी अधूरी होकर मिटने लगती है। धार्मिक मान्यताओं में देवी-देवताओं की खंडित तस्वीर या प्रतिमा को शुभ नहीं माना जाता। इसी वजह से भी भगवान की तस्वीर वाली मेहंदी से बचने की सलाह दी जाती है।
कौन-से मेहंदी डिजाइन शुभ माने जाते हैं
भगवान की सजीव आकृतियों के बजाय मेहंदी में कलश, शंख, कमल, डमरू और दीपक जैसे धार्मिक प्रतीक बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा फूल-पत्ती, मोर, पारंपरिक बेल और शहनाई जैसे डिजाइन भी हाथों पर सुंदर लगते हैं।
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