देश

संविधान सदन से दुनिया को संदेश, PM मोदी ने बताया कैसे भारत का लोकतंत्र बना स्थिरता और विकास का उदाहरण

PM Modi At 28th CSPOC: भारत में 14 से 16 जनवरी तक आयोजित 28वीं कॉमनवेल्थ स्पीकर्स एंड प्रेसिडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CSPOC) का उद्घाटन गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में किया। इस सम्मेलन में दुनिया के 42 देशों के 61 स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स के साथ चार अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। भारत के लिए यह चौथा अवसर है जब यह उच्चस्तरीय संसदीय सम्मेलन देश में आयोजित किया गया है। इस बार सम्मेलन का मुख्य विषय था “संसदीय लोकतंत्र की प्रभावी डिलीवरी”।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और विविधता को विश्व के सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां 2024 के आम चुनाव में लगभग 98 करोड़ नागरिकों ने पंजीकरण कराया। चुनाव में 8,000 से अधिक उम्मीदवार और 700 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियों ने भाग लिया। महिलाओं की भागीदारी में भी रिकॉर्ड देखा गया। मोदी ने यह भी बताया कि जिस सेंट्रल हॉल में उपस्थित सभी लोग बैठे हैं, वही भारत की संविधान सभा की बैठकें हुआ करती थीं और स्वतंत्रता के बाद यह संसद का मुख्य केंद्र रहा।

संसदीय लोकतंत्र में स्पीकर का काम

PM मोदी ने स्पीकरों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में स्पीकर का काम केवल अध्यक्षता करना नहीं, बल्कि सभी सदस्यों के लिए निष्पक्ष और संतुलित माहौल सुनिश्चित करना है। धैर्य, संतुलन और निष्पक्षता ही स्पीकर की सबसे बड़ी ताकत है। मोदी ने भारत के लोकतंत्र को “विविधता में एकता की मिसाल” बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भी किसी को शक था कि भारत का लोकतंत्र टिक पाएगा, लेकिन आज यह विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बन चुका है।

उन्होंने डिजिटल और आर्थिक उपलब्धियों को भी साझा किया। भारत दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI, सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता और इस्पात उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। ये सब भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों की स्थिरता और विकास को दर्शाता है।

क्या-क्या हुई चर्चा

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सम्मेलन की अध्यक्षता की, जबकि राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश नारायण सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सम्मेलन में संसद और लोकतंत्र से जुड़े तकनीकी नवाचार, एआई का उपयोग, सोशल मीडिया का प्रभाव, नागरिक भागीदारी और सांसदों की सुरक्षा व स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।

पीएम मोदी ने सभी देशों को संदेश दिया कि भारत का लोकतंत्र केवल शासन का तरीका नहीं, बल्कि विकास, स्थिरता और वैश्विक सहभागिता का उदाहरण भी है। CSPOC 2026 अब तक का सबसे बड़ा संसदीय सम्मेलन माना जा रहा है, जो भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता और लोकतांत्रिक अनुभव को साझा करने का अवसर है।

ये भी पढ़ें: India Vs New Zealand 2nd ODI Match: प्रसिद्ध कृष्णा का कैच ड्रॉप, कौन जिम्मेदार? जानें भारत की हार का बड़ा कारण

Shagun Chaurasia

Recent Posts

सिक्किम में लैंडस्लाइड, ओडिशा में चक्रवात की बारिश; 20 से ज्यादा घर बहे, 10 हजार लोग सुरक्षित जगह पहुंचे

Sikkim Landslide: सिक्किम में लगातार हो रही बारिश के बीच गुरुवार की देर रात बड़ा…

14 minutes ago

अंतरिक्ष से आया रहस्यमयी रेडियो सिग्नल, 63.4 प्रकाश वर्ष दूर ग्रह से जुड़ा पहला संकेत

Beta Pictoris b Radio Signal: अंतरिक्ष से मिले एक रहस्यमयी रेडियो सिग्नल ने वैज्ञानिकों का…

20 minutes ago

Trump-Xi Meet: ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक में क्या-क्या हुआ? जानें प्रमुख बातें

Trump Xi Meet: अमेरिका और चीन के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…

38 minutes ago

UAE की कंपनी में बॉस ने कर्मचारियों को तोहफे में बांटे iPhone

UAE Company iPhone Gift: ऑफिस में बॉस की मीटिंग का नाम सुनकर आमतौर पर कर्मचारी…

42 minutes ago

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बाद सीमा खन्ना पर निशाना, वोटर लिस्ट से जुड़ा क्या है विवाद?

Seema Khanna Election Commission: भारतीय चुनाव आयोग में वोटर लिस्ट और डिजिटल सिस्टम को लेकर…

1 hour ago

एक्टर मुश्ताक खान के फैंस से बेटे मोहसिन की अपील, ‘गम नहीं उनकी यादें मनाएं’

Mushtaq Khan Death: बॉलीवुड अभिनेता मुश्ताक खान के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की…

2 hours ago