Meta PM Modi Video Controversy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े एक वीडियो को फेसबुक से हटाए जाने के मामले में सोशल मीडिया कंपनी Meta की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी स्थायी समिति ने Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग से इस मामले में तीन दिनों के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। समिति ने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं करने पर कंपनी को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि 23 जुलाई को प्रधानमंत्री ने देश के छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार और कड़े कदम उठाने की बात कही थी। इसके बाद Meta के प्लेटफॉर्म फेसबुक से यह वीडियो कुछ समय के लिए हट गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो करीब 4 से 6 घंटे तक उपलब्ध नहीं था। इसी को लेकर संसदीय समिति ने Meta से जवाब मांगा है।
Meta अधिकारियों ने सरकार को दी सफाई
मामले पर स्पष्टीकरण देने के लिए Meta के अधिकारी बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय पहुंचे। Meta के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोल काप्लान ने मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात की। करीब 45 मिनट चली बैठक में कंपनी की ओर से वीडियो हटने की तकनीकी वजहों की जानकारी दी गई। हालांकि, सरकार ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए औपचारिक माफी की मांग की।
Safe Harbour सुरक्षा पर उठे सवाल
संसदीय समिति ने IT एक्ट की धारा 79(3) के तहत मिलने वाली Safe Harbour सुरक्षा को लेकर भी चेतावनी दी है। वर्तमान नियमों के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को यूजर द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए सीधे जिम्मेदार नहीं माना जाता। लेकिन अगर यह सुरक्षा वापस ली जाती है, तो Meta को एक पब्लिशर की तरह जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। ऐसी स्थिति में प्लेटफॉर्म पर मौजूद विवादित या गैर-कानूनी सामग्री को लेकर कंपनी पर सीधे कानूनी कार्रवाई संभव हो सकती है।
ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर भी सरकार सख्त
बैठक के दौरान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री (CSAM) और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर भी चिंता जताई। समिति ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों में लापरवाही बरतने वाले प्लेटफॉर्म्स की कानूनी सुरक्षा खत्म करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
Google और अन्य कंपनियों पर भी नजर
संसदीय समिति ने Google, X, Snapchat और YouTube जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ भी ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चर्चा की है। समिति ने टेक कंपनियों को नियमों का पालन करने और आपत्तिजनक सामग्री पर तेजी से कार्रवाई करने की जरूरत बताई है। इसके अलावा Google जैसी बड़ी टेक कंपनियों के खिलाफ हुई शिकायतों का हवाला देते हुए सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील भी की गई है।
Meta और भारत सरकार के बीच यह विवाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और ऑनलाइन कंटेंट मॉडरेशन को लेकर बड़ा मुद्दा बन गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि Meta इस अल्टीमेटम पर क्या जवाब देता है और सरकार आगे क्या कदम उठाती है।
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