Middle East Tensions Houthi Aramco Drone Attack: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित अरामको की एक ऑयल फैसिलिटी पर ड्रोन हमला करने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी के मुताबिक, जिजान शहर में मौजूद अरामको रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। हूतियों ने इसे यमन के प्रांतों में सऊदी ड्रोन की कथित एयरस्पेस घुसपैठ का जवाब बताया।
वहीं, सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने रविवार तड़के अरामको से जुड़े एक प्लांट में आग लगने की पुष्टि की। आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि आग की वजह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं की गई है। यमन सरकार के अधिकारियों के अनुसार, हूतियों ने लाल सागर के महत्वपूर्ण मोखा बंदरगाह पर भी मिसाइल और ड्रोन दागे।
ईरान ने अमेरिका से बातचीत पर रखीं शर्तें
यमन में तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर अपना रुख सख्त कर दिया है। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि मध्यस्थों के जरिए संपर्क जारी है, लेकिन इसे सीधी बातचीत नहीं माना जा सकता। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि अमेरिका का व्यवहार बदलने और प्रतिबंध हटाने तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज नहीं खोला जाएगा। ईरान ने अमेरिका से भविष्य में धमकी न देने, युद्ध के नुकसान की पूरी भरपाई करने और फ्रीज किए गए फंड को बिना शर्त जारी करने की मांग की है। इसी बीच ईरान और ओमान के बीच एक अंतरिम समझौते पर बातचीत अंतिम दौर में है। इसके तहत जहाजों को बिना टोल या शुल्क के आवाजाही के लिए नया समुद्री रास्ता मिल सकता है।
पेंटागन बढ़ाएगा हथियारों का उत्पादन
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने भी हथियारों के उत्पादन और खरीद में तेजी लाने का फैसला किया है। प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि लक्ष्य युद्ध के मैदान में सैनिकों की जरूरतें समय पर पूरी करना है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान के साथ पांच महीने से जारी संघर्ष के चलते अमेरिकी सेना के एडवांस मिसाइल इंटरसेप्टर और हथियारों के भंडार में कमी आई है। इसी वजह से उत्पादन बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। ताजा घटनाक्रमों ने मिडिल ईस्ट में तनाव और युद्ध की आशंकाओं को फिर बढ़ा दिया है।
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