Monsoon 2026: करीब दो हफ्तों तक ठहराव की स्थिति में रहने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून फिर सक्रिय होने लगा है। अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाएं मुंबई, उसके आसपास के इलाकों और दक्षिण-पूर्वी गुजरात तक पहुंचने लगी हैं। इससे लंबे समय से इंतजार की जा रही बारिश के लौटने की उम्मीद जगी है।
देश में 46 फीसदी बारिश की कमी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 4 जून से 22 जून के बीच देश में सामान्य 97.6 मिमी के मुकाबले केवल 53.1 मिमी वर्षा हुई है। इससे देश में 46 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। मध्य, उत्तरी और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्से अभी भी कम या अत्यधिक कम वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में 58 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 85 प्रतिशत और गुजरात में 84 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। वहीं छत्तीसगढ़ और झारखंड में 71-71 प्रतिशत तथा मेघालय में 81 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
क्यों लंबा चला सूखे का दौर?
22 जून को जारी IMD की उपग्रह तस्वीरों से पता चला कि बादल मुख्य रूप से बंगाल की खाड़ी, पूर्वी भारत और हिमालयी क्षेत्रों तक सीमित रहे। संगठित मानसूनी तंत्र और नमी के कमजोर प्रवाह के कारण मध्य और पश्चिमी भारत तक बारिश पहुंच नहीं सकी।
अगला सप्ताह रहेगा अहम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अब मुंबई और दक्षिण गुजरात के सूरत क्षेत्र तक गहरी नमी पहुंचने लगी है। अगले 24 से 48 घंटों में महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है। हालांकि कमजोर मानसून का असर बुआई, बढ़ती गर्मी और जल उपलब्धता पर पड़ चुका है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के किसान खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में आने वाला सप्ताह मानसून के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

