Nandan Nilekani Examination Reform Task Force: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक हाई-पावर टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया। टेक दिग्गज और इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि इस टास्क फोर्स का नेतृत्व करेंगे। प्रधानमंत्री ने 'X' पर साझा किए वीडियो संदेश में कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लगातार कई कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे अब जेल में हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि सरकार परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों से निपटने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट कोड पहले ही लागू कर चुकी है। साथ ही, संसद में सख्त प्रावधानों वाला नया कानून लाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय के सुधारों के तहत सरकार परीक्षा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दे रही है। इसी उद्देश्य से नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में टास्क फोर्स बनाने का फैसला लिया गया है। यह समिति परीक्षा सुधारों पर काम करेगी और जल्द से जल्द अपनी सिफारिशें देगी। सरकार आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए समिति की रिपोर्ट के आधार पर कदम उठाएगी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद ऐलान
टास्क फोर्स का गठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद हुआ है। उन्होंने जंतर-मंतर से शुरू हुए और बाद में देशभर में फैले पेपर लीक विरोधी CJP के नेतृत्व वाले छात्र-युवा प्रदर्शनों के करीब सात सप्ताह बाद पद से इस्तीफा दिया। 20 जून को शुरू हुआ आंदोलन 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के बाद और तेज हो गया। बाद में कई छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इसका समर्थन किया। इनमें वांगचुक भी शामिल थे, जिन्होंने आंदोलन के समर्थन में लंबे समय तक भूख हड़ताल की।
नया एंटी-चीटिंग कानून लाने की तैयारी
केंद्र सरकार परीक्षा में धोखाधड़ी और अनियमितताओं के खिलाफ कानूनी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 को सोमवार, 27 जुलाई को लोकसभा में पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधनों के जरिए 2024 के कानून को और मजबूत करने, कड़ी सजा, समयबद्ध जांच और सुनवाई तथा त्वरित न्याय के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों का प्रावधान किए जाने का लक्ष्य है।

