IMA: भारतीय सशस्त्र बलों में लैंगिक समानता और महिला नेतृत्व की दिशा में शनिवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में 2022 में दाखिला लेने वाली पहली महिला कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूरा कर आधिकारिक तौर पर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया। उन्होंने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में अपनी अंतिम पासिंग आउट परेड पूरी की।
राष्ट्रपति मुर्मू ने की परेड की समीक्षा
IMA में आयोजित 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड की समीक्षा राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य अतिथि के रूप में की। उन्होंने परेड में शामिल नौ महिला कैडेट्स की मौजूदगी को अकादमी के इतिहास का एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी मोड़ बताया। राष्ट्रपति ने देश सेवा के संकल्प के साथ कदमताल करती इन नौ कैडेट्स की सराहना की। एनडीए से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने IMA में प्री-कमीशन प्रशिक्षण पूरा किया और देश की पहली एनडीए-प्रशिक्षित महिला सैन्य अधिकारी बनकर इतिहास रच दिया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुला रास्ता
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यह क्षण न केवल IMA बल्कि भारतीय रक्षा बलों के इतिहास में भी एक मील का पत्थर है और महिला-नेतृत्व वाले विकास की दिशा में भारत की प्रगति का प्रतीक है। इन अधिकारियों की यात्रा सुप्रीम कोर्ट के उस ऐतिहासिक फैसले से शुरू हुई, जिसने महिलाओं के लिए पुणे के खड़कवासला स्थित NDA के दरवाजे खोले। वहां तीन साल के कठोर सैन्य और शैक्षणिक प्रशिक्षण के बाद उन्हें अंतिम वर्ष के विशेष प्रशिक्षण के लिए IMA भेजा गया। पिछले एक दशक में सेना में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ी है। स्थायी कमीशन और कॉम्बैट-सपोर्ट भूमिकाओं के बाद अब पहले NDA बैच के आने से अग्रिम मोर्चों और ऑपरेशनल नियुक्तियों में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।
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