NEET UG 2026 Result: नीट यूजी 2026 के रिज़ल्ट का इंतजार खत्म हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल 11.21 लाख से ज्यादा छात्र मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए क्वालिफाई हुए हैं। खास बात यह रही कि इस बार कोई भी अभ्यर्थी 720 में 720 अंक नहीं ला सका, जबकि पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल 715 अंकों के साथ संयुक्त रूप से ऑल इंडिया टॉपर बने।
टॉपर आर्यन ने बताया सफलता का मंत्र
NEET UG 2026 के संयुक्त टॉपर पंजाब के आर्यन गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और अनुशासन को दिया। उन्होंने बताया कि AIR-1 हासिल करने के लिए वह लंबे समय से दिन-रात तैयारी कर रहे थे। डॉक्टर माता-पिता से प्रेरणा लेकर उन्होंने पढ़ाई को हमेशा गंभीरता से लिया। आर्यन के मुताबिक, परीक्षा की तैयारी के दौरान वह रोजाना 16 से 17 घंटे तक पढ़ाई करते थे, जिसका नतीजा आज ऑल इंडिया रैंक-1 के रूप में सामने आया।
पांशुल बोले- नियमित अभ्यास से मिली सफलता
फरीदाबाद के पांशुल बंसल ने NEET UG 2026 में 720 में से 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से टॉप स्कोर किया। उन्होंने बताया कि आठवीं कक्षा से ही डॉक्टर बनने का सपना देखा था और उसी लक्ष्य के साथ लगातार मेहनत की। पांशुल के मुताबिक, रोज करीब आठ घंटे पढ़ाई और पुराने प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहा। उन्होंने कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य एक सफल सर्जन बनना है। साथ ही, उन्होंने JEE Main 2026 में 99.5 पर्सेंटाइल हासिल कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा भी साबित की।
री-एग्जाम के बाद जारी हुआ रिजल्ट
पेपर लीक के आरोपों के चलते 3 मई को हुई NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। यह परीक्षा देश-विदेश के 551 शहरों में 5,440 केंद्रों पर 13 भाषाओं में हुई। इस बार NTA ने मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव करते हुए कई चरणों को समानांतर तरीके से पूरा किया, जिससे तय समय पर रिजल्ट जारी किया जा सका। साथ ही, पहली बार OMR शीट चैलेंज की प्रक्रिया को आंसर-की जारी करने की प्रक्रिया से अलग रखा गया।
2027 से ऑनलाइन होगी NEET परीक्षा
पेपर लीक विवाद के बाद सरकार ने NEET-UG परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से यह परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। छात्रों को नए प्रारूप से परिचित कराने के लिए परीक्षा से पहले मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

