Nepal Flash Flood: नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 288 भारतीय अब भी संपर्क से बाहर हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को बताया कि बचाए गए सभी 21 लोग तमिलनाडु के हैं और उन्हें भारत वापस लाया जा रहा है।
288 संपर्क-विहीन भारतीयों में 73 लोग त्रिशूली स्थित एक पावर प्रोजेक्ट में काम करते हैं, जो बाढ़ से प्रभावित इलाकों में शामिल है।
तिब्बत में भी फंसे भारतीय
जायसवाल के मुताबिक, 200 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित हैं और निकासी में मदद मांग रहे हैं। इनमें करीब 95 लोग डारचेन में हैं, जो हिल्सा के रास्ते नेपाल आने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा चार भारतीय जिलोंग सिटी, 30 जुतुलफुक में सागा की ओर और करीब 60-70 अन्य स्थानों की ओर बढ़ रहे हैं। नेपाल और तिब्बत में आई बाढ़ के कारण अब तक 289 लोगों की मौत की खबर है। नेपाल में करीब 1,500 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें कम से कम 800 विदेशी हैं। तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में 558 लोग लापता हैं, जबकि ग्यिरोंग पोर्ट पर मलबा गिरने से कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है।
तीन जिलों में भारी तबाही
बाढ़ ने नेपाल के रसुवा, धादिंग और नुवाकोट जिलों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। भोटे कोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे का बहाव हिमस्खलन के कारण रुकने के बाद अचानक पानी का सैलाब आया। इससे तिमुरे, रसुवागढ़ी बॉर्डर और आसपास के इलाकों में भारी नुकसान हुआ। सड़कों, पुलों, घरों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को व्यापक नुकसान पहुंचा है। शुरुआती रिपोर्टों में भूकंप या ग्लेशियर के निचले हिस्से के टूटने को भी संभावित कारण बताया गया है। बिहार में भी नेपाल से आने वाले पानी को देखते हुए अलर्ट जारी रहा। वाल्मीकिनगर बैराज से पानी का डिस्चार्ज आधी रात के 1.5 लाख क्यूसेक से घटकर सुबह 88,000 क्यूसेक हो गया।
भारत ने भेजी राहत सामग्री
भारत ने नेपाल के लिए राहत अभियान तेज कर दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि 37.5 टन मानवीय सहायता, दवाइयां और खाद्य पैकेट लेकर दूसरी उड़ान रवाना हुई। इससे पहले भारतीय वायुसेना के C-130J विमान से 10 टन राहत सामग्री भेजी गई थी, जिसमें टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और जरूरी दवाएं शामिल थीं।
नेपाल PM ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह गुरुवार को सड़क मार्ग से नुवाकोट पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। राहत और बचाव अभियान में 5,000 से अधिक सेना और पुलिसकर्मी जुटे हैं। नेपाल सेना के मुताबिक, गुरुवार को 125 लोगों को बचाया गया, जिनमें 20 विदेशी नागरिक शामिल हैं। हेलीकॉप्टरों से टेंट, भोजन और अन्य आपातकालीन सामग्री भी पहुंचाई जा रही है।
ये भी पढ़े: राखी से एक दिन पहले सोने की कीमत गिरी, 22 कैरेट ₹1,50,090 पर

