Uttar Pradesh: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद उत्तर प्रदेश की गंडक नदी से अब तक 17 शव बरामद किए गए हैं। आशंका है कि ये सभी नेपाल आपदा के पीड़ितों के हैं। इस त्रासदी में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।
कुशीनगर-महाराजगंज में मिले शव
कुशीनगर के खड्डा और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र से 13 शव मिले हैं, जिनमें सोमवार को बरामद चार शव भी शामिल हैं। वहीं, 27 अगस्त को महाराजगंज के निचलौल तहसील क्षेत्र से चार शव मिले थे। महाराजगंज में मिले चार अज्ञात शवों को सोमवार नेपाल प्रशासन को सौंप दिया गया। डीएम गौरव सिंह सोगरवाल के अनुसार, इनमें तीन महिलाओं के शव शामिल हैं और इन्हें 72 घंटे तक मॉर्चरी में रखा गया था। पोस्टमार्टम के दौरान DNA सैंपल भी लिए गए हैं, ताकि पहचान में मदद मिल सके।
निचलौल के तहसीलदार अमित सिंह के नेतृत्व में शवों को दो एंबुलेंस से ठूठीबारी के पास महेशपुर बॉर्डर ले जाकर नवलपरासी प्रशासन को सौंपा गया। जरूरी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नेपाल पुलिस को शव दिए गए। DNA डेटा भी नेपाल प्रशासन के साथ साझा किया जाएगा। कुशीनगर के छह शवों को 72 घंटे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार नेपाल भेजा जाना है।
गंडक नदी तक कैसे पहुंचे शव?
26 अगस्त को नेपाल के रसुवा जिले में आई बाढ़ को भोटेकोशी नदी के ऊपरी क्षेत्र में ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा गिरने से हुए चट्टान और बर्फ के हिमस्खलन से जोड़कर देखा जा रहा है। भोटेकोशी को निचले हिस्से में त्रिशूली भी कहा जाता है। गंडक नदी नेपाल, उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र से होकर गुजरती है। आपदा विशेषज्ञ के मुताबिक, नदी पहले महाराजगंज, फिर कुशीनगर और देवरिया से गुजरते हुए बिहार में प्रवेश करती है। इसी दौरान शव बहकर यूपी तक पहुंचने की आशंका है।
नदी में तलाश अभियान जारी
NDRF, SDRF और PAC की फ्लड बटालियन जिला प्रशासन व पुलिस के साथ नदी और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही हैं। नेपाल प्रशासन के साथ समन्वय कर शवों की पहचान और लापता लोगों की तलाश जारी है।
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