Nepal Flood: नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन तबाही का असर अब भी कम नहीं हुआ है। बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ के बाद कई इलाकों में हालात बेहद खराब हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है। इस बीच मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ने से चिंता और गहरी हो गई है।
626 से ज्यादा मौतें, 1,900 लोग लापता
नेपाल की आपदा राहत एजेंसी के मुताबिक, बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 626 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि करीब 1,900 लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव अभियान के दौरान करीब 4,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। वहीं, पर्यटन बोर्ड के अनुसार 100 से ज्यादा पर्यटकों का भी पता लगाया जा चुका है।
सड़कें-पुल बहे, राहत अभियान प्रभावित
बाढ़ ने कई इलाकों में सड़कें और पुल बहा दिए हैं, जिससे राहत और बचाव टीमों के लिए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। लगातार हो रही तेज बारिश ने बचाव अभियान की चुनौती और बढ़ा दी है। वहीं, तिब्बत में चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, बाढ़ से कम से कम 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि 554 से ज्यादा लोग लापता हैं।
झील टूटने का खतरा, फिर आ सकती है बाढ़
बाढ़ के बाद तिब्बत में एक बड़ी झील बन गई है, जिसके अचानक टूटने पर फिर से भीषण बाढ़ आने का खतरा है। इसी आशंका के चलते शुक्रवार को कुछ समय के लिए बचाव अभियान रोक दिया गया था,

