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पहलगाम आतंकी हमले में NIA की सप्लीमेंट्री चार्जशीट: हाफिज सईद नामजद, Pak की साजिश के सबूत पेश

by | Jul 6, 2026 | Trending

NIA Pahalgam Attack Chargesheet: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू की अदालत में पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए आतंकी हमले से जुड़े मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। इसमें लश्कर-ए-तैयबा (LeT) प्रमुख और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद को व्यक्तिगत तौर पर तथा LeT और उसके प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के प्रमुख के रूप में नामजद किया गया है। इस हमले में 25 पर्यटकों और एक पोनी संचालक की मौत हुई थी, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन का सैन्य संघर्ष हुआ।

पाकिस्तान की साजिश और सबूतों का दावा

NIA ने बताया कि यह चार्जशीट 15 दिसंबर पिछले वर्ष दाखिल की गई 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट का विस्तार है। एजेंसी के अनुसार, वैज्ञानिक जांच और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पाकिस्तान की साजिश, हाफिज सईद की भूमिका और अन्य प्रमाण अदालत के समक्ष पेश किए गए हैं। सईद पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवाद, भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं। NIA ने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की पूरी साजिश का खुलासा करने के लिए जांच जारी है।

हमले की योजना कैसे बनी?

पहली चार्जशीट में NIA ने तीन पाकिस्तानी आतंकियों—फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी (जो जुलाई 2025 में ऑपरेशन महादेव में मारा गया)—की पहचान की थी। TRF नेता साजिद सैफुल्लाह जट्ट उर्फ लंगड़ा और दो स्थानीय सहयोगियों बशीर अहमद जोथट और परवेज अहमद को भी आरोपी बनाया गया, जिन्हें पिछले वर्ष जून में गिरफ्तार किया गया था।

चार्जशीट के अनुसार, साजिद जट्ट ने आतंकियों को बैसरन मैदान के लोकेशन कोऑर्डिनेट्स भेजे। दो बरामद मोबाइल फोन की चैट, Alpine Quest ऐप के स्क्रीनशॉट और पाकिस्तान में बेचे गए Xiaomi फोन के रिकॉर्ड से आतंकियों की गतिविधियों की पुष्टि हुई। NIA के मुताबिक, हमला धर्म के आधार पर चुनकर की गई हत्याओं का मामला था।

स्थानीय मदद और ऑपरेशन सिंदूर

जांच में सामने आया कि 21 अप्रैल 2025 को तीनों आतंकी परवेज अहमद की झोपड़ी में रुके, जहां उन्होंने हथियार छिपाए, खाना खाया और अमरनाथ यात्रा, सुरक्षा बलों के कैंप व उनकी गतिविधियों पर चर्चा की। जाते समय उन्होंने ₹3,000 भी दिए। अगले दिन बशीर और परवेज ने आतंकियों को बैसरन पार्क के पास देखा, लेकिन किसी को सूचना नहीं दी।

NIA का निष्कर्ष है कि हमला पाकिस्तान से संचालित LeT और TRF की सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। एजेंसी के अनुसार, साजिद जट्ट ने आतंकियों की आवाजाही, ड्रोन के जरिए हथियारों की आपूर्ति और पाकिस्तान मूल के फोन के माध्यम से संचार का समन्वय किया। इसी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचों व सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इसके बाद 10 मई 2025 को संघर्षविराम लागू हुआ।

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