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कुरान आधारित कानून की मांग पर NDA में घमासान, नितेश राणे का बड़ा पलटवार

Quran Based Law Demand: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बयान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एनसीपी (अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक ने विधानसभा में कुरान के आधार पर कानून लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने ट्रिपल तलाक का भी समर्थन किया। सना मलिक के इस बयान पर महायुति सरकार के भीतर ही मतभेद उभरते दिखाई दे रहे हैं। बीजेपी नेताओं ने उनके बयान की तीखी आलोचना की है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने समान नागरिक संहिता (UCC) का विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग यूसीसी का समर्थन नहीं करते, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए। सना मलिक के बयान और उस पर आई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है।

UCC और ट्रिपल तलाक पर नितेश राणे का हमला

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा विधायक नितेश राणे ने समान नागरिक संहिता (UCC) और ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ट्रिपल तलाक को लेकर पहले ही स्पष्ट निर्णय ले चुकी है, इसके बावजूद कुछ जनप्रतिनिधि आज भी धार्मिक ग्रंथों का हवाला देकर यूसीसी का विरोध कर रहे हैं। राणे के मुताबिक, देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की दिशा में संविधान ने भी मार्गदर्शन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को देश के कानूनों और संविधान का पालन नहीं करना है, तो उसे अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और पाकिस्तान चले जाना चाहिए।

"देश संविधान से चलता है, कुरान से नहीं"

विधानसभा में सना मलिक के वक्तव्य के दौरान भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि सदन में चल रही चर्चा का विषय तीन तलाक कानून के क्रियान्वयन से जुड़ा है, न कि पाकिस्तान या धार्मिक ग्रंथों की व्याख्या से। भातखलकर ने जोर देते हुए कहा कि भारत का शासन संविधान के अनुसार चलता है और बहस भी उसी दायरे में होनी चाहिए।