Wednesday, Sep 09

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ओडिशा में 5 ओरंगुटान मिलने से मचा हड़कंप, ब्लैक थार से खुलेगा तस्करी का राज?

Odisha: ओडिशा के बालासोर जिले के भोगराई इलाके में पांच ओरंगुटान मिलने के बाद संभावित वन्यजीव तस्करी की जांच शुरू हो गई है। मंगलवार सुबह बिचित्रपुर के कैसुरिना जंगल में ग्रामीणों ने इन्हें पेड़ों से चिपका देखा। वन विभाग ने रेस्क्यू कर रात में भुवनेश्वर के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क पहुंचाया, जहां सभी क्वारंटीन में हैं और उनकी हालत स्थिर है।

ब्लैक थार बनी अहम कड़ी

जांच में एक काली Thar SUV अहम सुराग बनकर सामने आई है। सोमवार रात इलाके में वाहन देखा गया था और करीब 10 मिनट बाद उसके लौटने की बात सामने आई। CCTV में भी इसी तरह की गाड़ी कैद हुई है। STF वाहन और मालिक की पहचान के साथ स्थानीय जानकारी व अन्य सबूत जुटा रही है। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बंदरगाहों की फुटेज से संभावित रूट खंगाला जा रहा है। जलमार्ग की संभावना भी जांची जा रही है और भारतीय तटरक्षक बल से मदद ली गई है। STF IG हिमांशु लाल ने कहा कि जांच में नेटवर्क, जानवरों के स्रोत-गंतव्य और गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान कर पूरे कार्टेल को खत्म करने पर ध्यान है।

इंडोनेशिया-मलेशिया से लाए जाने का शक

ओरंगुटान भारत के मूल निवासी नहीं हैं और मुख्यतः इंडोनेशिया-मलेशिया के वर्षावनों में पाए जाते हैं। इसलिए इनके बाहर से लाए जाने और संगठित अंतरराष्ट्रीय तस्करी का संदेह है। वन विभाग ने देशभर के चिड़ियाघरों से भी पूछा है कि कहीं कोई ओरंगुटान गायब तो नहीं हुआ। नंदनकानन में तीन नर और दो मादा, जिनमें एक शिशु भी है, करीब 6 महीने से एक साल उम्र के हैं। वे आपस में जुड़े दिखते हैं, इसलिए साथ रखे गए हैं। उन्हें फल, केला, सेब, ड्राई फ्रूट, दूध और ORS दिया जा रहा है, जबकि सबसे छोटे को तरल भोजन बार-बार दिया जाता है। करीब एक महीने तक विशेष निगरानी में पशु चिकित्सक और केयरटेकर शिफ्टों में तैनात रहेंगे।

2019 से खाली है ओरंगुटान एनक्लोजर

अधिकारी सेंट्रल जू अथॉरिटी से इन्हें नंदनकानन में रखने की अनुमति मांग रहे हैं, जहां ओरंगुटान का एनक्लोजर 2019 से खाली है। जांच अब इनके स्रोत, बालासोर तक पहुंचने के रास्ते और जिम्मेदार लोगों की पहचान पर केंद्रित है। ब्लैक Thar, CCTV और संभावित अंतरराज्यीय/अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन जांच के अहम आधार हैं।

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