Odisha: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने शनिवार को कटक के सेकेंडरी बोर्ड हाई स्कूल में शिक्षक दिवस कार्यक्रम के दौरान बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले तीन वर्षों में स्कूलों में खाली 45,000 शिक्षक पदों पर भर्ती करेगी। कार्यक्रम में मांझी ने शिक्षा में सुधार, शिक्षकों की भूमिका और छात्रों की जिम्मेदारियों पर चर्चा की।
छात्रों से बोले- सोशल मीडिया कम करें
राजनीति में आने से पहले शिक्षक रह चुके मांझी ने छात्रों से सोशल मीडिया पर कम समय बिताने और पढ़ाई व करियर पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों की प्राथमिक जिम्मेदारी मजबूत शैक्षणिक कौशल विकसित करना और अपने भविष्य के साथ देश की प्रगति में योगदान देना है। उनके मुताबिक, शिक्षा सिर्फ ज्ञान हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में भी अहम भूमिका निभानी चाहिए।
KG से PG तक मुफ्त शिक्षा
मांझी ने बताया कि ओडिशा देश का पहला राज्य है, जहां KG से PG तक मुफ्त शिक्षा की योजना शुरू की गई है। सरकार ₹12,000 करोड़ की लागत से 2,200 गोदाबरीश मिश्रा आदर्श प्राथमिक विद्यालय बना रही है। छोटे बच्चों की शुरुआती शिक्षा के लिए 45,000 नर्सरी स्कूल भी खोले गए हैं। सरकार कक्षा 9वीं-10वीं के छात्रों को मिड-डे मील और मुफ्त किताबें देने की योजना पर भी काम कर रही है। वहीं शहीद माधो सिंह हाथ खर्चा योजना के जरिए आदिवासी छात्रों को आर्थिक सहायता देकर ड्रॉपआउट कम करने का लक्ष्य है।
शिक्षकों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मनाई गई। मांझी ने गुरु-शिष्य परंपरा और समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्रपति पद पर पहुंचने के बावजूद कलाम खुद को शिक्षक कहलाने पर गर्व करते थे। इस मौके पर कई शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।

