Pakistan Threat to India: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि (IWT) को स्थगित कर सख्त रुख अपनाया है। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने विवादित बयान देते हुए कहा है कि "जो हमारे पानी पर हाथ डालेगा, हम उसका हाथ काट देंगे।" उनके इस बयान ने दोनों देशों के बीच सिंधु जल संधि को लेकर चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है। आखिर इस बयान के क्या मायने हैं और भारत की रणनीति क्या है, आइए समझते हैं।
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया सिंधु जल संधि का मुद्दा
पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने सोमवार, 29 जून को कहा कि उनका देश सिंधु जल संधि के मुद्दे को अब केवल भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय विवाद नहीं मान रहा है। उनका कहना है कि पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर रहा है। मुसादिक मलिक ने दावा किया कि पाकिस्तान इस मुद्दे को न्याय, मौलिक अधिकारों और निचले प्रवाह (डाउनस्ट्रीम) वाले देशों के जल अधिकारों से जुड़े वैश्विक विषय के रूप में पेश करेगा। इससे संकेत मिलता है कि पाकिस्तान इस मामले पर तीसरे देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।
सिंधु नदी को लेकर क्या बोले मुसादिक मलिक?
मुसादिक मलिक ने सिंधु नदी की तुलना एक ऐसे "नल" से की, जिसका हैंडल पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री के हाथ में है। उनका दावा था कि भारत पाकिस्तान को पानी की एक बूंद भी नहीं मिलने देने की बात कर रहा है। मलिक ने कहा कि पाकिस्तान की 40 से 50 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। कृषि क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में 20 से 25 प्रतिशत का योगदान देता है और खाद्य सुरक्षा भी काफी हद तक पानी की उपलब्धता पर टिकी है। इसी वजह से उन्होंने सिंधु जल संधि के मुद्दे को पाकिस्तान के लिए बेहद अहम बताया।
भारत का साफ संदेश: आतंक रुके, तभी होगी बात
पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए, जिनमें सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी शामिल है। भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि पर आगे बढ़ना संभव नहीं है। साथ ही, भारत ने संकेत दिया है कि वह अपने अधिकारों के अनुसार सिंधु नदी के पानी का उपयोग करेगा।

