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PM Modi के सेशेल्स दौरे से रक्षा साझेदारी को नई मजबूती, AI और साइबर सुरक्षा में भी बढ़ा सहयोग

PM Modi Seychelles Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेशेल्स दौरा सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, क्षमता निर्माण और उभरती तकनीकों में साझेदारी को नई दिशा मिली। सबसे अहम घोषणा भारत द्वारा चार सैन्य सलाहकारों (Military Advisers) को फिर से सेशेल्स भेजने की रही। यह व्यवस्था पिछली सरकार के दौरान बंद कर दी गई थी, लेकिन अब इसकी बहाली से दोनों देशों के रक्षा संबंध और मजबूत होंगे।

सुरक्षा ढांचे में भारत की बढ़ी भूमिका

चारों सैन्य सलाहकार सेशेल्स की रक्षा और सुरक्षा संस्थाओं के साथ मिलकर प्रशिक्षण, संचालन, योजना और संस्थागत क्षमता बढ़ाने में सहयोग करेंगे। भारत पहले से ही सेशेल्स की समुद्री और हवाई सुरक्षा व्यवस्था का प्रमुख साझेदार है। देश की आधे से अधिक समुद्री और हवाई सुरक्षा संपत्तियां, जैसे डोर्नियर विमान और गश्ती पोत, भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए या समर्थित हैं। भारत तटीय निगरानी प्रणाली, समुद्री डोमेन जागरूकता और विशाल विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की निगरानी क्षमता बढ़ाने में भी मदद कर रहा है।

'मेड इन इंडिया' उपकरण और प्रशिक्षण सहयोग

दौरे के दौरान भारत ने सेशेल्स को मेड-इन-इंडिया फास्ट पेट्रोल वेसल, लेजर रेडियल बोट, यूटिलिटी वाहन और एंबुलेंस सौंपीं। इससे पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा और निगरानी क्षमता मजबूत होगी। वहीं, सेशेल्स के लगभग 70% रक्षा प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास में भारत की भूमिका है। भारतीय सैन्य संस्थानों में वर्षों से सेशेल्स के रक्षा कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक संस्थागत संबंध बने हैं।

AI, साइबर सुरक्षा और ऐतिहासिक सम्मान

दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अंतरिक्ष और समुद्री तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने और उन्हें देश के पहले 'Guardian of the Blue Horizon' सम्मान से नवाजा गया। भारतीय सेना और नौसेना के दलों ने सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी हिस्सा लिया। इन सभी उपलब्धियों ने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल विकास सहयोगी नहीं, बल्कि सेशेल्स के सुरक्षा, प्रशिक्षण और तकनीकी तंत्र का प्रमुख रणनीतिक साझेदार बन चुका है।

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