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पीएम मोदी का दो दिवसीय इजराइल दौरा, क्यों खौफ में हैं पाकिस्तान-चीन, नेतन्याहू के बयान से दुनिया में मचा हड़कंप

India Israel defense partnership: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय इजराइल का दौरा करेंगे. इस दौरान वह कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी के दो दिवसीय दौरे को लेकर पाकिस्तान और चीन की भौंहे तन गई हैं। प्रधानमंत्री करीब 40 घंटे तक इजरायल की धरती पर रहेंगे। इस दौरान पूरे विश्व की नजरें दोनों नेताओं की जुगलबंदी पर टिकी होंगी। आपको बता दें कि इजरायल पिछले कुछ सालों से गाजा और फिलिस्तीन समेत कई मुस्लिम देशों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पीएम मोदी और नेतन्याहू की दोस्ती में क्या है खास? पीएम मोदी के इस दौरे से क्या मिलेगा? नेतन्याहू ने पीएम मोदी को लेकर क्या कहा? इसके अलावा भी कई सवाल आपके मन में होंगे। सभी सवालों के जवाब हम सिलसिलेवार तरीके से आपके सामने रखेंगे।

क्यों खास है नेतन्याहू और पीएम मोदी की दोस्ती

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दोस्ती और आपसी समझ गहरी है। दोनों ही नेता राष्ट्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ बोलने के लिए जाने जाते हैं। इसके साथ ही दोनों नेताओं का अपने धर्म और संस्कृति के प्रति सम्मान और आधुनिक टेक्नॉलॉजी में भरोसा उनके संबंधों को मजबूत बनाता है। यही कारण है कि भारत और इजरायल के बीच हाल के वर्षों में रिश्ते लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।

पीएम मोदी का द्वि-दिवसीय इजरायल दौरा

नरेंद्र मोदी 25 से 26 फरवरी तक अपने दूसरे आधिकारिक दौरे पर इजरायल जा रहे हैं। यह उनका 12 वर्षों के प्रधानमंत्री कार्यकाल में दूसरा दौरा है। पहला दौरा 2017 में हुआ था। इस बार की यात्रा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नेतन्याहू ने कहा पीएम मोदी व्यक्तिगत मित्र

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मोदी को अपने व्यक्तिगत दोस्त बताया है। दोनों नेता नियमित बातचीत करते हैं और अपने देशों का आपसी दौरा करते रहे हैं। इस गहरे दोस्ताना संबंध को देखते हुए भारत और इजराइल की रणनीतिक साझेदारी मजबूत होती जा रही है।
क्या इजरायल बनेगा भारत का दूसरा भरोसेमंद साझेदार?

नेता मोदी और नेतन्याहू की दोस्ती को देखते हुए भारत-इजरायल संबंधों में रूस-भारत जैसी घनिष्ठ साझेदारी की उम्मीदें बढ़ रही हैं। रूस भारत का पारंपरिक रक्षा साझेदार रहा है, जिसने एसयू-30, टी-90, एस-400 जैसे हथियारों की आपूर्ति और ब्रह्मोस मिसाइल के संयुक्त विकास में अहम भूमिका निभाई है।

भारत का दूसरा बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, 2020-24 के बीच रूस के बाद इजरायल भारत का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता बन गया है। भारत इजरायली हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार है और इजरायल के कुल निर्यात का लगभग 34% भारत लेता है। इजरायली हथियार केवल संख्या में नहीं बल्कि तकनीकी गुणवत्ता में भी श्रेष्ठ हैं, जैसे कि स्पाइक मिसाइल, हेरॉन ड्रोन, बाराक-8, राम्पेज और आइरन डोम।

2026 में 8 अरब डॉलर से अधिक की डील

भारत और इजरायल ने 2026 के लिए लगभग 8.6 अरब डॉलर की नई रक्षा डील की है। इसमें एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम, लेजर आधारित आयरन बीम और अत्याधुनिक मिसाइलें शामिल हैं। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच संवेदनशील तकनीक साझा करने और संयुक्त उत्पादन पर केंद्रित नए समझौते पर MoU साइन होने की उम्मीद है।

भारत का हेक्सागन एलायंस

नेतन्याहू ने भारत को “हेक्सागन एलायंस” में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है। इस गठबंधन में भारत और इजरायल के अलावा अरब देश, अफ्रीका, ग्रीस और साइप्रस शामिल होंगे। इसका उद्देश्य रेडिकल शिया और सुन्नी एक्सिस का मुकाबला करना और चीन-पाकिस्तान के गठजोड़ के खिलाफ रणनीतिक सहयोग बढ़ाना है।

पाकिस्तान और चीन के लिए चिंता का विषय

पीएम मोदी के दौरे से पाकिस्तान और चीन में चिंता बढ़ गई है। इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भारत को “हेक्सागन एलायंस” में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें भारत, इजराइल, कुछ अरब देश, अफ्रीकी देश, ग्रीस और साइप्रस शामिल होंगे। इस गठबंधन का उद्देश्य चीन-पाकिस्तान अक्ष और रेडिकल शिया-सुन्नी नेटवर्क के खिलाफ रणनीतिक सहयोग बढ़ाना है।

इजरायली तकनीक से भारत की सैन्य ताकत

भारत ‘सुदर्शन चक्र’ एयर डिफेंस सिस्टम में इजरायली तकनीक का उपयोग कर रहा है। 2025-26 में इजरायल से प्राप्त हथियार ऑपरेशन सिंदूर में अत्यधिक प्रभावी साबित हुए। इन हथियारों की उच्च तकनीक, इंटेलीजेंस और संयुक्त उत्पादन क्षमता भारत की रक्षा शक्ति को कई गुना बढ़ाती है।

पीएम मोदी का कार्यक्रम

इस दौरे में पीएम मोदी इजरायली संसद (नैसेट) को संबोधित करेंगे – यह पहली बार होगा जब भारतीय प्रधानमंत्री ऐसा करेंगे। इसके अलावा वे यद वासेम होलोकॉस्ट स्मारक और इनोवेशन इवेंट में भी शामिल होंगे। दोनों नेताओं की चर्चा में कृषि, जल प्रबंधन, AI, स्वच्छ ऊर्जा और FTA जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल होंगे।

Yas Pal

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