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कैबिनेट की मंजूरी: PM सूर्य सरोवर योजना से लगेंगे 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट

by | Jul 31, 2026 | Breaking, Cover Story Top

PM Surya Sarovar Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) को मंजूरी दे दी है। 5,070 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत देशभर में फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक प्रोजेक्ट और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना और जलवायु लक्ष्यों को हासिल करना है।

5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर, 10,000 मेगावाट स्टोरेज

योजना के तहत 5,000 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे। इनके साथ कम से कम दो घंटे की क्षमता वाला 10,000 मेगावाट एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी जोड़ा जाएगा। परियोजनाओं को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच मंजूरी मिलेगी, जबकि वित्तीय सहायता 2032-33 तक जारी रहेगी।

राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) के अनुसार, भारत के जलाशयों और अन्य उपयुक्त जल निकायों में करीब 102.18 गीगावाट पीक फ्लोटिंग सोलर क्षमता है। फिलहाल देश में इसकी स्थापित क्षमता केवल लगभग 700 मेगावाट है।

राज्यों को भी मिलेगा लाभ

योजना के तहत अध्ययन, बाथिमेट्री, हाइड्रोग्राफी, पर्यावरणीय मूल्यांकन और अन्य प्रारंभिक कार्यों के लिए प्रति परियोजना अधिकतम 50 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसका लाभ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलेगा।

क्या होंगे फायदे?

फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं जलाशयों और तालाबों का उपयोग करती हैं, जिससे भूमि की जरूरत कम होती है। एनर्जी स्टोरेज सिस्टम जुड़ने से शाम और रात में भी बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी और बिजली ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

सरकार के अनुसार, इस योजना से हर साल लगभग 10 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होने का अनुमान है। साथ ही 16,000 से 17,000 रोजगार के अवसर पैदा होंगे और फ्लोटेशन सिस्टम, सोलर सेल, मॉड्यूल तथा एनर्जी स्टोरेज की घरेलू वैल्यू चेन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी।

आगे की राह

फ्लोटिंग सोलर तकनीक भूमि की कमी की चुनौती का समाधान मानी जा रही है। इससे जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी क्योंकि जलाशयों से वाष्पीकरण कम होगा। हालांकि, योजना की सफलता के लिए पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और तकनीकी चुनौतियों का समय पर समाधान सुनिश्चित करना आवश्यक होगा।

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