PoK Voting Violence: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हिंसा और भारी बवाल की भेंट चढ़ गया। कई इलाकों में चुनावी गड़बड़ी, झड़पों और फायरिंग की घटनाओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए। रावलाकोट में पाक रेंजर्स की कथित गोलीबारी में 5 प्रदर्शनकारियों की मौत और 35 लोगों के घायल होने की खबर है। वहीं, बड़ी संख्या में लोगों ने चुनाव का बहिष्कार कर पाकिस्तान के दावों को चुनौती दे दी, जिससे पूरे चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मतपेटी में लगाई आग, चुनावी निष्पक्षता पर सवाल
भींबर में एक मतदान केंद्र पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, इस दौरान कथित तौर पर एक मतपेटी छीनकर उसमें आग लगा दी गई, जिससे सभी वोट जल गए। अधिकारियों ने जांच के बाद दोबारा मतदान पर फैसला लेने की बात कही है।
हिंसा में PPP कार्यकर्ता की मौत
कोटली जिले में भी चुनावी हिंसा देखने को मिली। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने दावा किया कि नकयाल में हुई झड़प में उसके कार्यकर्ता मुख्तार यूनुस की मौत हो गई। पार्टी ने राजनीतिक विरोधियों पर हत्या का आरोप लगाया, जबकि दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। वहीं, PPP ने एलए-1 मीरपुर सीट पर हथियारबंद लोगों द्वारा मतगणना में दखल देने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग में शिकायत भी दर्ज कराई।
रावलाकोट में फायरिंग का आरोप
यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रशासन और जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बीच तनाव बना हुआ है। जेएएसी ने आरोप लगाया कि रावलाकोट में सुरक्षा बलों की फायरिंग में 5 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई और 35 लोग घायल हुए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

