POK Protest: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। नियंत्रण रेखा (LoC) के पास रावलाकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों लोगों ने प्रदर्शन कर कहा कि "PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है।" प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि खाद्य आपूर्ति पर रोक जारी रही तो उन्हें "दूसरे रास्ते" अपनाने पड़ सकते हैं, जिसे भारत के साथ संभावित संपर्क का संकेत माना जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर वर्षों से राजनीतिक उपेक्षा, आर्थिक शोषण, प्रशासनिक दमन और आंदोलन को कमजोर करने के लिए जरूरी खाद्य सामग्री की आपूर्ति रोकने का आरोप लगाया।
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अमन खान ने कहा, "PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। हमें पाकिस्तान की जरूरत नहीं, बल्कि पाकिस्तान को हमारी जरूरत है।" उन्होंने कहा कि 9 जून से सीजफायर लाइन के जीरो प्वाइंट पर महिलाएं और बच्चे धरने पर बैठे हैं। यदि राशन रोकने की नीति जारी रही और दूसरे व्यापारिक रास्ते खुल गए, तो पाकिस्तान को लोगों से रुकने की गुहार लगानी पड़ सकती है।
उन्होंने सरकार से बल प्रयोग छोड़कर जनता की इच्छा का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि यहां न मार्शल लॉ है और न ही किसी तानाशाह को स्वीकार किया जाएगा। अमन खान ने यह भी कहा कि "कश्मीर पाकिस्तान की संपत्ति नहीं है।"
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान ने आटा, अनाज और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति रोककर आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश की। आंदोलन अब 38 सूत्रीय मांगपत्र पर केंद्रित है, जिसमें महंगाई, बिजली दरें, सब्सिडी, बेरोजगारी, सुशासन और राजनीतिक भेदभाव जैसे मुद्दे शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान ने JAAC पर प्रतिबंध लगाने के बाद अमन खान समेत कई कार्यकर्ताओं पर आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामले दर्ज किए हैं। संगठन ने आरोपों से इनकार करते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही है। शुरुआती जून से PoK के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी बंद हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ऐसा आंदोलन की तस्वीरें और वीडियो बाहर जाने से रोकने के लिए किया गया।
PoK में लंबे समय से महंगाई, खराब प्रशासन और संसाधनों के असमान बंटवारे को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बड़ी मात्रा में जलविद्युत उत्पादन होने के बावजूद बिजली पाकिस्तान के अन्य प्रांतों को दी जाती है, जबकि स्थानीय लोगों को महंगे बिल चुकाने पड़ते हैं। पहले हुए समझौतों को लागू न करने, JAAC पर प्रतिबंध और पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस कथित टिप्पणी, जिसमें उन्होंने रावलाकोट और मीरपुर के लोगों को "असल कश्मीरी नहीं" बताया था, ने भी लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया।
Ludhiana: लुधियाना की बहादुरके रोड पर गुरुवार, 24 सितंबर को तेज रफ्तार Tata Tiago EV…
Nepal Heavy Rain: नेपाल में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। नेपाल…
Rajat Patidar: रजत पाटीदार जल्द ही एक बार फिर मैदान पर नजर आएंगे। उन्हें ऑस्ट्रेलिया-ए…
Delhi HC CJP Deepfake Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ…
Gulveer Singh Silver: भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने नागोया एशियन गेम्स में पुरुषों की 10,000…
KBC 18 Ujjwal Nikam: कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन 18 के इस वीकेंड एपिसोड में फिल्म…