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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्री का कार्यभार

by | Jul 26, 2026 | Trending, देश

Prahlad Joshi Education Minister: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 25 जुलाई 2026 को उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। वह अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ शिक्षा मंत्रालय का काम भी देखेंगे। वर्तमान में उनके पास उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय हैं।

पदभार संभालने के बाद जोशी ने एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री के भरोसे और सौंपी गई जिम्मेदारी के लिए आभारी हैं और इसे विनम्रता तथा कर्तव्य की गहरी भावना के साथ स्वीकार करते हैं।

सामाजिक सरोकारों से शुरू हुआ सफर

27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में एक साधारण परिवार में जन्मे प्रह्लाद जोशी की बचपन से सामाजिक कार्यों और जनहित के मुद्दों में रुचि रही। छात्र जीवन में भी वह सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे और लोगों से जुड़े मुद्दे उठाते रहे।

1995 में शुरू किया राजनीतिक सफर

जोशी ने 1995 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा। 1995 से 1998 तक वह धारवाड़ में भाजपा के जिलाध्यक्ष और 1998 से 2003 तक जिला महासचिव रहे। संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद उन्होंने धारवाड़ लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और कांग्रेस उम्मीदवार बी.एस. पाटिल को हराकर पहली बार सांसद बने। इसके बाद उन्होंने लगातार पांच बार धारवाड़ लोकसभा सीट से जीत दर्ज की।

2019 में पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए

30 मई 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल में प्रह्लाद जोशी पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा बने। उन्हें संसदीय कार्य मंत्री बनाया गया। 2019 से 2024 के बीच उन्होंने संसदीय कार्य के साथ कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारियां भी संभालीं।

2024 के लोकसभा चुनाव के बाद मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के तौर पर उन्होंने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम जैसी प्रमुख सरकारी पहलों की देखरेख की। इन योजनाओं का उद्देश्य देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विस्तार करना है।

अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। उनके सामने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों का भरोसा मजबूत करने जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी।

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