होम = Cover Story Latest = “पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?” प्रियंका गांधी का सरकार पर बड़ा हमला, बोलीं- PM को कैमरे का नहीं दिल का एंगल बदलना होगा

“पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?” प्रियंका गांधी का सरकार पर बड़ा हमला, बोलीं- PM को कैमरे का नहीं दिल का एंगल बदलना होगा

by | Jul 28, 2026 | Cover Story Latest

Priyanka Gandhi: संसद के मानसून सत्र में परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने NEET विवाद, छात्र प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे। लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रियंका गांधी ने पूछा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और कथित रूप से पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था।

"छात्र आतंकवादी नहीं थे, फिर बल प्रयोग क्यों?"

प्रियंका गांधी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ इस तरह की कार्रवाई क्यों की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठियां चलाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि देश के युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और उनकी आवाज को सुनने की जरूरत है, न कि उनके खिलाफ सख्ती अपनाने की।

पेलेट गन और AK-47 को लेकर उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद ने सरकार से पूछा कि छात्रों पर पेलेट गन और AK-47 के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक दल का सवाल नहीं है, बल्कि पूरे देश के लोग इसका जवाब जानना चाहते हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार को इस मामले में जिम्मेदारी तय करनी होगी और स्पष्ट करना होगा कि ऐसी कार्रवाई का फैसला किस स्तर पर लिया गया।

"10 सालों में 152 पेपर लीक हुए"

प्रियंका गांधी ने परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस सालों में बड़ी संख्या में परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला

प्रियंका गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा क्षेत्र में सरकार की नीतियों के कारण व्यवस्था कमजोर हुई है और इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ा है।

प्रधानमंत्री मोदी पर किया तंज

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया पर छात्रों से संवाद और इंस्टाग्राम रील्स को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को कैमरे का एंगल बदलने के बजाय दिल का एंगल बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं को समझने और उनकी परेशानियों का समाधान करने की जरूरत है। सरकार को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए।

विपक्ष ने मांगा जवाब

प्रियंका गांधी के इस बयान के बाद संसद में पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार से परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांग रहा है।
NEET पेपर लीक और छात्र प्रदर्शन को लेकर संसद में बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। उन्होंने छात्रों पर कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। अब इस मामले में सरकार की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।

ये भी पढ़ें: https://newsindia24x7.tv/america-iran-tanav-trump-ka-dava-jald-ho-sakta-hai-bada-samjhauta/