Pune Building Collapse: महाराष्ट्र के पुणे जिले के मोशी इलाके में भारी बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया। कचरे के एक विशाल ढेर के खिसकने से उसके पास स्थित तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय भवन में कई लोग मौजूद थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 15 से अधिक लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
कैसे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश के कारण कचरे का बड़ा ढेर अस्थिर हो गया। बताया जा रहा है कि ढेर का एक हिस्सा इमारत की ओर खिसक आया, जिससे भवन का संतुलन बिगड़ गया और कुछ ही क्षणों में पूरी इमारत ढह गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।
राहत और बचाव अभियान जारी
सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, नगर निगम, NDRF और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
बचाव दल द्वारा निकाले गए घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने आसपास के अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा है ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों का तुरंत इलाज किया जा सके। फिलहाल घायलों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
जिला प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि इमारत के पास कचरे का इतना बड़ा ढेर कैसे जमा हुआ और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बारिश के चलते बढ़ा खतरा
पिछले कुछ दिनों से पुणे और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण मिट्टी और कचरे के ढेर कमजोर हो जाते हैं, जिससे इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान जर्जर इमारतों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
पुणे के मोशी इलाके में हुआ यह हादसा शहरी सुरक्षा व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे से जुड़ी विस्तृत जानकारी बचाव अभियान पूरा होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।
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