Qatar Blast: कतर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित एक फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 12 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इस हादसे की पुष्टि क़तर के अधिकारियों और दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने की है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि रविवार रात हुई इस घटना में 12 भारतीयों ने अपनी जान गंवाई है। हादसे के बाद भारतीय समुदाय और मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
घायलों का इलाज जारी
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने क़तर के अधिकारियों के हवाले से बताया कि हादसे में घायल हुए सभी लोगों की हालत फिलहाल स्थिर है और उनका समुचित इलाज किया जा रहा है। दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन और प्रभावित परिवारों के संपर्क में है। क़तर भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए प्रमुख रोजगार केंद्रों में से एक है, जहां आठ लाख से अधिक भारतीय कामगार विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं। ये प्रवासी हर साल लगभग 1.3 से 1.9 अरब डॉलर की राशि भारत भेजते हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और लाखों परिवारों की आजीविका को महत्वपूर्ण सहारा मिलता है। ऐसे में इस हादसे ने क़तर में रह रहे भारतीय समुदाय को गहरा झटका दिया है।
पीड़ित परिवारों की मदद में जुटा दूतावास
भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा कि वह क़तर के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि हादसे से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। दूतावास ने बताया कि मृतकों के पार्थिव शरीरों को जल्द से जल्द भारत भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, सोमवार को आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में क़तर के ऊर्जा मंत्री साद बिन शेरिदा अल काबी ने पुष्टि की कि रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी में हुई इस दुर्घटना में भारतीय और पाकिस्तानी मूल के कुल 13 लोगों की मौत हुई है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने जताया दुख
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि भारतीय दूतावास क़तर के अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

