BJP vs Congress: स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ गायन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाया है, तो वहीं कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय को कानूनी नोटिस भेजकर पलटवार किया है। मामला 13 अगस्त को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुए रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान राष्ट्रगान में हुई तकनीकी गड़बड़ी से जुड़ा है।
राहुल गांधी पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप
बीजेपी ने एक वीडियो क्लिप साझा कर राहुल गांधी पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि राष्ट्रगान हर भारतीय के लिए गर्व और देश की प्रतिष्ठा व गौरव का प्रतीक है। बीजेपी के मुताबिक, राष्ट्रगान का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। पार्टी ने राहुल गांधी के कथित व्यवहार को लेकर उन पर निशाना साधते हुए इसे उनका ‘राष्ट्रविरोधी रवैया’ बताया।
ऑडियो सिस्टम में गड़बड़ी से दोबारा बजा राष्ट्रगान
नोटिस में कहा गया है कि कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान सामान्य तरीके से बजाया गया था। इसके बाद मंच पर मौजूद संदीप दीक्षित, राहुल गांधी और अन्य लोग राष्ट्रगान समाप्त होने की बात मानकर लोगों से मिलने-जुलने लगे। इसी दौरान ऑडियो सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी के चलते राष्ट्रगान दोबारा बज गया। हालांकि, ऑपरेटर ने तुरंत स्थिति संभालते हुए ऑडियो बंद कर दिया।
बीजेपी से पोस्ट हटाने और माफी मांगने की मांग
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि बीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से घटना को गलत और भ्रामक तरीके से पेश किया गया। कांग्रेस का कहना है कि यह सिर्फ एक तकनीकी चूक थी, जिसे जानबूझकर राष्ट्रगान के अपमान के तौर पर पेश किया गया। पार्टी ने बीजेपी से विवादित पोस्ट हटाने, बिना शर्त माफी मांगने और पूरे मामले पर स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की है। साथ ही भविष्य में राहुल गांधी पर इस तरह के आरोप नहीं लगाने को कहा गया है।
48 घंटे में जवाब नहीं तो मानहानि का केस
नोटिस में घटना से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है। कांग्रेस ने बीजेपी को जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि तय समयसीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर राहुल गांधी की ओर से मानहानि का मुकदमा दायर किया जा सकता है।

