Rahul Gandhi Student Protest: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि मुद्दे उठाना उनका अधिकार है और वह ऐसा करते रहेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पांच तस्वीरें दिखाकर पुलिस कार्रवाई को "बर्बर" बताया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संसद से महज 500 मीटर दूर छात्रों को पीटा गया। उनका दावा है कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाई गई, जिससे एक छात्र की एक आंख की रोशनी जाने की आशंका है। उन्होंने कहा कि उन्होंने एम्स का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है, जिसमें पैलेट गन से चोट लगने का उल्लेख है। इसके अलावा पुलिस पर शॉक बैटन और कीलों वाली लाठियों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार महिलाओं और नाबालिगों को भी नहीं बख्शा गया।
अमित शाह पर भी लगाए आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए देखा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को अमित शाह के लगातार फोन आ रहे थे, जिससे स्पष्ट था कि उन्हें पूरी स्थिति की जानकारी थी। यह बयान लोकसभा में उनके उस आरोप के कुछ घंटे बाद आया, जिसमें उन्होंने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश अमित शाह द्वारा दिए जाने की बात कही थी।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि यदि वह माफी मांग लें तो उन्हें सदन में अपना भाषण पूरा करने दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि वह भाजपा या आरएसएस से किसी भी परिस्थिति में माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया, जबकि राजनाथ सिंह और किरेन रिजिजू को कई बार बोलने का अवसर दिया गया।
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