राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। घटना सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार देर रात प्रशासन ने अपराध से जुड़े बताए जा रहे चार होटलों पर बुलडोजर कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, 13 वर्षीय एक किशोरी 18 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा उसकी तलाश की जा रही थी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
अपहरण के बाद कई दिनों तक रखा गया बंधक
पुलिस जांच में आरोप है कि बच्ची का अपहरण कर उसे कई स्थानों पर ले जाया गया। शिकायत के अनुसार, उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ गंभीर अपराध किए गए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया है।
पीड़िता की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में उपचार
एफआईआर में दर्ज आरोपों के मुताबिक, पीड़िता को प्रताड़ित किया गया, जिससे उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा। बच्ची की तबीयत बिगड़ने के बाद उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
होटल संचालकों की भूमिका की जांच
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि जिन स्थानों पर पीड़िता को रखा गया, वहां के संचालकों या कर्मचारियों की क्या भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब तक कई आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है ताकि सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जा सके।
एसपी ने कहा- किसी दोषी को नहीं मिलेगी राहत
श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने कहा कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
घटना को लेकर लोगों में आक्रोश
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पीड़िता को जल्द न्याय मिलना चाहिए और मामले में शामिल सभी आरोपियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
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