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राजस्थान में मस्जिदों और दरगाहों पर कार्रवाई से सियासत गरम, ओवैसी ने अमित शाह से की ये अपील

Rajasthan Mosque Action: राजस्थान के कई सीमावर्ती जिलों में मस्जिदों और दरगाहों के खिलाफ चल रही प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। हाल के दिनों में कुछ धार्मिक स्थलों को हटाए जाने और कई अन्य को नोटिस जारी किए जाने के बाद यह मुद्दा राज्य की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है। इसी मामले को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।

ओवैसी ने अमित शाह से लगाई गुहार

हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम अध्यक्ष Asaduddin Owaisi ने आरोप लगाया कि राजस्थान के कुछ जिलों में मस्जिदों और दरगाहों के खिलाफ चुनिंदा कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से अपील करते हुए कहा कि यदि कार्रवाई कानून के दायरे में हो रही है तो उसमें पारदर्शिता होनी चाहिए और किसी एक समुदाय को निशाना बनाए जाने की आशंका नहीं होनी चाहिए।

कई जिलों में जारी हैं नोटिस और कार्रवाई

रिपोर्टों के अनुसार, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और फलोदी समेत कई क्षेत्रों में कुछ मस्जिदों और दरगाहों को हटाया गया है, जबकि अन्य धार्मिक स्थलों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई भूमि नियमों और सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर की जा रही है। वहीं विरोधी पक्ष इसे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बता रहा है।

250 साल पुरानी दरगाह का मुद्दा चर्चा में

विवाद उस समय और बढ़ गया जब एक पुरानी दरगाह को लेकर सवाल उठने लगे। स्थानीय स्तर पर दावा किया गया कि संबंधित धार्मिक स्थल दशकों से अस्तित्व में था और उसका ऐतिहासिक महत्व भी था। इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न संगठनों और नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से कहा गया है कि सभी मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।

राजस्थान में इससे पहले भी अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण जैसे विकास कार्यों के तहत धार्मिक ढांचों को हटाने की कार्रवाई हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि भूमि और विकास संबंधी नियमों के अनुसार की जाती है। कुछ मामलों में मंदिर और अन्य धार्मिक संरचनाएं भी कार्रवाई की जद में आई हैं।

विपक्ष और संगठनों ने उठाए सवाल

मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ नेताओं ने कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि संबंधित पक्षों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। वहीं प्रशासन का दावा है कि नोटिस और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही कदम उठाए गए हैं।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है सियासी बहस

राजस्थान में धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई का मुद्दा अब राजनीतिक रंग ले चुका है। ओवैसी के बयान के बाद इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में सरकार, प्रशासन और संबंधित संगठनों के रुख के आधार पर यह मामला और अधिक राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है।

राजस्थान में मस्जिदों और दरगाहों पर चल रही कार्रवाई ने प्रशासनिक कदमों और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर प्रशासन इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है, वहीं दूसरी ओर ओवैसी समेत कई नेताओं ने कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि केंद्र और राज्य सरकार इस विवाद पर आगे क्या रुख अपनाती हैं।

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