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नौकरी तलाशने वाले नहीं, जॉब क्रिएटर बनें युवा: राजनाथ सिंह

Rajnath Singh Youth Message: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 29 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से ज्ञान हासिल करने, अन्याय पर सवाल उठाने और लोकतांत्रिक तरीकों से बदलाव लाने की अपील की।

‘Educate, Agitate and Organise’ का सही मतलब

राजनाथ सिंह ने डॉ. बीआर आंबेडकर के मंत्र ‘Educate, Agitate and Organise’ का अर्थ बताते हुए कहा कि इसका मतलब ज्ञान हासिल करना, हिंसा के बजाय संवैधानिक तरीकों से अन्याय पर सवाल उठाना और लोकतांत्रिक माध्यमों से बदलाव के लिए एकजुट होना है। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने संविधान सभा में अपने अंतिम भाषण में सामाजिक और आर्थिक उद्देश्यों को संवैधानिक तरीकों से हासिल करने की बात कही थी। लोकतांत्रिक और संवैधानिक रास्ते उपलब्ध होने पर हिंसा, अराजकता या असंवैधानिक तरीकों को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने ऐसे तरीकों को ‘अराजकता का व्याकरण’ बताते हुए छोड़ने की बात कही।

शिक्षा युवाओं को समस्या समाधान के लिए तैयार करे

रक्षा मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों को न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के आदर्शों से प्रेरित युवाओं को तैयार करना चाहिए। सच्ची शिक्षा सोचने-समझने की क्षमता के साथ व्यावहारिक और समस्या समाधान कौशल विकसित करती है। साथ ही युवाओं को अपने ज्ञान का इस्तेमाल समाज के हित में करने और उनमें मूल्य व संवेदनशीलता विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने डॉ. आंबेडकर के चरित्र और विनम्रता पर जोर को याद किया और कहा कि ज्ञान व उपलब्धियां नैतिक मूल्यों और अच्छे आचरण से जुड़ी होनी चाहिए। स्वामी विवेकानंद की सोच का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से केवल व्यक्तिगत सफलता के बजाय जॉब क्रिएटर, समस्या समाधानकर्ता और सकारात्मक बदलाव के वाहक बनने का आह्वान किया।

लगातार सीखते रहें युवा

राजनाथ सिंह ने कहा कि नई तकनीक और नवाचार के कारण दुनिया तेजी से बदल रही है। ऐसे में लगातार सीखना और नए कौशल हासिल करना जरूरी है। उन्होंने छात्रों से ‘टीम इंडिया’ के रूप में काम करते हुए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफलता अक्सर विपरीत परिस्थितियों में हासिल होती है और दृढ़ संकल्प, मजबूती व मेहनत चुनौतियों को अवसर में बदल सकती है। पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भी आत्मनिर्भर भारत, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देकर चुनौतियों को अवसर में बदलने की कोशिश की है। उन्होंने युवाओं से अनिश्चितता से न डरने, समाधान पर ध्यान देने और लगातार खुद को बेहतर बनाने की अपील की।

अंतरिक्ष और इनोवेशन में आगे बढ़ रहा भारत

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत सीमित संसाधनों के साथ अंतरिक्ष मिशन लॉन्च करने से आगे बढ़कर मानव अंतरिक्ष उड़ान और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन जैसे उन्नत कार्यक्रमों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारतीय स्पेस स्टार्टअप लॉन्च व्हीकल और सैटेलाइट तकनीक में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर खर्च दोगुना हुआ है और 34 साल बाद नई शिक्षा नीति लागू की गई। भारतीय युवा अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ स्टार्टअप, यूनिकॉर्न और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में आगे बढ़ा है और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा माहौल बनाना जारी रखेगी, जहां युवा खोज, नवाचार, प्रयोग और रचनात्मक कार्य कर बेहतर समाज के लिए समाधान विकसित कर सकें।

संस्कृति पर गर्व जरूरी

राजनाथ सिंह ने कहा कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की यात्रा केवल आर्थिक विकास से तय नहीं होगी। आर्थिक ताकत देश को समृद्ध बनाती है, जबकि सांस्कृतिक आत्मविश्वास उसे महान बनाता है। उन्होंने भारतीय भाषाओं, भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल एक बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि अपनी सभ्यता, संस्कृति और क्षमता पर विश्वास रखने वाला देश है। आज दुनिया भारत की बात सुनती है और देश केवल नियमों का पालन नहीं करता, बल्कि उन्हें तय भी करता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अपनी राष्ट्रीय पहचान, सभ्यता और भविष्य पर विश्वास करती है और यही ‘न्यू इंडिया’ का महत्वपूर्ण बदलाव है। ‘Believe in India’ की भावना ही ‘Make in India’ की सफलता के पीछे है।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल तथा विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।

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