Rajya Sabha BJP Strength: 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र से पहले राज्यसभा का राजनीतिक गणित बदलता नजर आ रहा है। 24 जुलाई के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उच्च सदन में पहले की तुलना में अधिक मजबूत स्थिति में पहुंच सकती है। इससे केंद्र सरकार को कई महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने में रणनीतिक बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है।
रिकॉर्ड संख्या के करीब पहुंचेगी बीजेपी
उपलब्ध राजनीतिक आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी के राज्यसभा में 117 सदस्य होने की संभावना है, जो पार्टी के लिए अब तक की सबसे मजबूत स्थिति मानी जा रही है। यह संख्या उसे अपने दम पर साधारण बहुमत के काफी करीब ले जाती है। वहीं, सहयोगी दलों को मिलाकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की कुल ताकत लगभग 153 सदस्यों तक पहुंच सकती है।
किन विधेयकों पर पड़ सकता है असर
राज्यसभा में संख्या बढ़ने से सरकार को कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर अपेक्षाकृत अधिक समर्थन मिलने की उम्मीद हो सकती है। इनमें महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन से जुड़े कदम, परिसीमन (Delimitation) से संबंधित भविष्य की प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन विधेयक शामिल हो सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि संविधान संशोधन विधेयकों को पारित कराने के लिए केवल साधारण बहुमत पर्याप्त नहीं होता। ऐसे विधेयकों के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत के साथ-साथ कुल सदस्य संख्या के बहुमत की भी आवश्यकता होती है।
सरकार को कैसे मिल सकता है फायदा
राज्यसभा में मजबूत संख्या होने से सरकार को सामान्य विधेयकों को पारित कराने, बहस के दौरान राजनीतिक बढ़त बनाए रखने और संसदीय रणनीति को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में सुविधा मिल सकती है। हालांकि, जिन विधेयकों के लिए विशेष बहुमत आवश्यक है, वहां सरकार को अब भी अन्य दलों का समर्थन जुटाना पड़ सकता है।
विपक्ष की भूमिका भी रहेगी अहम
राज्यसभा में विपक्ष अभी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कई संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के विधेयकों पर विपक्ष की राय, बहस और समर्थन या विरोध कानून बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इसलिए केवल संख्या बढ़ने से सभी विधेयकों का पारित होना स्वतः सुनिश्चित नहीं माना जा सकता।
मानसून सत्र पर रहेंगी सबकी नजर
20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक और राष्ट्रीय मुद्दे चर्चा में रह सकते हैं। राज्यसभा में नए राजनीतिक समीकरणों के बीच सरकार और विपक्ष दोनों की रणनीति पर राजनीतिक विश्लेषकों और जनता की नजर रहेगी।
24 जुलाई के बाद राज्यसभा में बीजेपी और NDA की बढ़ती संख्या केंद्र सरकार के लिए संसदीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे कई सामान्य विधेयकों को आगे बढ़ाने में सरकार की स्थिति मजबूत हो सकती है। हालांकि, संविधान संशोधन जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों के लिए आवश्यक विशेष बहुमत और व्यापक राजनीतिक सहमति की जरूरत पहले की तरह बनी रहेगी।
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