Ram Mandir News: अयोध्या के राम मंदिर को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। पूर्व केंद्रीय गृह सचिव और पूर्व IAS अधिकारी लक्ष्मी नारायण ने दावा किया है कि उन्होंने मंदिर को दान में दी गई करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की सोने से मढ़ी रामचरितमानस अब वहां नहीं है। उनका आरोप है कि पहले इसे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा गया था, लेकिन बाद में हटा दिया गया और इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।
पहले दर्शन कराए, फिर बिना जानकारी हटाई गई'
पूर्व केंद्रीय गृह सचिव लक्ष्मी नारायण ने दावा किया कि दान में दी गई सोने से मढ़ी रामचरितमानस को शुरुआत में मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा गया था और उसकी नियमित पूजा भी होती थी। उनका कहना है कि करीब पांच महीने तक प्रदर्शित रहने के बाद इसे वहां से हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले इसे गर्भगृह के पास रखने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में वह वादा भी पूरा नहीं हुआ।
'मेरी जिंदगी की पूंजी थी', पूर्व IAS का आरोप
लक्ष्मी नारायण ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस मामले में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत अन्य पदाधिकारियों से कई बार संपर्क किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने अप्रैल 2024 में करीब 4.5 से 5 करोड़ रुपये मूल्य की, 147 किलोग्राम वजनी सोने से मढ़ी रामचरितमानस राम मंदिर ट्रस्ट को दान में दी थी। उनका दावा है कि अब इस दुर्लभ पांडुलिपि का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड या जानकारी उपलब्ध नहीं है।
