Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित हेरफेर के मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। पिछले 18 दिनों से चर्चा में बने इस मामले में गुरुवार को रामजन्मभूमि थाने में आठ नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। यह विवाद तब शुरू हुआ था, जब 7 जून को समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने राम मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे से 5 से 7.5 करोड़ रुपये की कथित चोरी का आरोप लगाया था। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मामले को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद यह मुद्दा लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
चंपत राय ने दी सफाई, सरकार ने गठित की एसआईटी
चढ़ावे में कथित हेरफेर के आरोप सामने आने के बाद 7 जून की शाम ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने स्पष्टीकरण जारी कर आरोपों को खारिज किया। हालांकि मामला लगातार तूल पकड़ता गया। इसके बाद 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की। वहीं, 13 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए लखनऊ के मंडलायुक्त डॉ. विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।
FIR में इन आठ लोगों को बनाया गया नामजद आरोपी
राम मंदिर चढ़ावा हेरफेर मामले में दर्ज एफआईआर में आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इनमें अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, राजेश पाठक, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं। इसके अलावा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

