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राम मंदिर चढ़ावा केस में बड़ा एक्शन! 8 आरोपियों से SIT करेगी पूछताछ

by | Jun 26, 2026 | Trending

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे के कथित गबन मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरफ्तारी मेमो सहित अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

यह मामला श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायत, राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट की सिफारिश के आधार पर की गई थी।

FIR में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा कुछ अज्ञात लोगों के नाम भी शामिल हैं। आरोपियों पर चोरी, आपराधिक न्यासभंग, चोरी की संपत्ति छिपाने या प्राप्त करने, आपराधिक साजिश और समान मंशा से अपराध करने जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) लगाई गई है।

कौन हैं ट्रस्टी कृष्ण मोहन?

कृष्ण मोहन को 16 सितंबर 2025 को ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था। उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी कृष्ण मोहन ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई की। उन्होंने करीब छह वर्ष परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में काम किया, इसके बाद भारतीय वन सेवा (IFS) में महाराष्ट्र कैडर के अधिकारी बने। वर्ष 2012 में सेवानिवृत्ति के बाद वे सामाजिक कार्यों से जुड़े। ट्रस्ट के सदस्यों की कई दौर की चर्चा के बाद उन्हें सर्वसम्मति से ट्रस्टी चुना गया।

SIT रिपोर्ट और कार्रवाई पर क्या बोले योगी आदित्यनाथ?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "मैं 19 जून को अयोध्या दौरे पर था। तभी मैंने कहा था कि अयोध्या हमारी एकता और भारत के सनातन धर्म की एकजुटता का प्रतीक है। अयोध्या पर बेवजह आरोप लगाने से बचें और भगवान राम की मर्यादा का पालन करना सीखें।" उन्होंने कहा कि अयोध्या को लेकर जो खबरें सामने आ रही थीं, उन्हें देखते हुए सरकार ने SIT का गठन किया था और स्पष्ट किया था कि रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू होगी। "जैसे ही SIT की रिपोर्ट आई, कार्रवाई शुरू कर दी गई।"

FIR के बाद क्या बोले बृजेश पाठक?

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि राज्य सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि FIR दर्ज की जा चुकी है और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चंपत राय के बचाव में क्या बोले केशव प्रसाद मौर्य?

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में यदि किसी की संलिप्तता साबित होती है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा और उससे पूरी राशि भी वसूली जाएगी। उन्होंने कहा कि "भगवान हनुमान की गदा भगवान राम के भक्तों के साथ गलत करने वालों पर जरूर चलेगी।" साथ ही उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बचाव करते हुए उन्हें आजीवन रामभक्त बताया और कहा कि केवल आरोप लगने से कोई दोषी नहीं हो जाता। मौर्य ने विपक्ष पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सभी को SIT की आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।

दोषियों को लेकर प्रमोद आचार्य का बयान

प्रमोद आचार्य ने कहा कि चोर कितना भी शातिर क्यों न हो, एक दिन कानून के शिकंजे में आ ही जाता है। उन्होंने कहा कि जब पाप का घड़ा भर जाता है तो उसका परिणाम सामने आता है। उनके अनुसार, भगवान राम के मंदिर में चोरी करना बेहद गंभीर अपराध है, जिसके लिए न इस लोक में स्थान मिलेगा और न ही परलोक में। उन्होंने इस मामले में FIR दर्ज होने पर उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। साथ ही कहा कि राम मंदिर में चोरी करोड़ों लोगों की आस्था पर चोट है, इसलिए इसमें शामिल हर व्यक्ति और उसे संरक्षण देने वाले किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

'राम मंदिर से चरणपादुका और हार गायब होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण'

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के प्रमुख वादकारियों में से एक इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या एक पवित्र नगरी है और यहां की आस्था पूरे देश से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में पर्याप्त CCTV कैमरे लगे होने के बावजूद भगवान की चरणपादुका और हार गायब होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर FIR दर्ज होने का स्वागत करते हुए कहा कि अब सच सामने आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी भी भगवान में आस्था है और उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री की निगरानी में दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

विवाद पर क्या बोले अखिलेश यादव?

राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT गठित की थी। इस विवाद ने 7 जून को राजनीतिक तूल तब पकड़ा, जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंदिर के चढ़ावे से करोड़ों रुपये गायब होने संबंधी खबरों का हवाला देते हुए अदालत से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की।

उस समय विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही हैं।

FIR दर्ज होने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में "छोटी मछलियों को सजा मिलेगी, जबकि बड़ी मछलियों को बचा लिया जाएगा।" उन्होंने यह भी दावा किया कि FIR से पहले SIT प्रक्रिया का इस्तेमाल सबूत मिटाने और यह तय करने के लिए किया गया कि किसे बचाना है और किसे फंसाना है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि SIT रिपोर्ट पहले से तैयार थी और जांच उसी के अनुरूप की गई।

अजय राय ने क्या कहा ?

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) के अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया कि FIR कांग्रेस के दबाव के बाद दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जिस दिशा में चाहेगी, उसी तरह जांच आगे बढ़ेगी। उनका कहना था कि विपक्ष के सड़क पर उतरने के कारण ही मामला दर्ज हुआ। अजय राय ने आरोप लगाया कि मुकदमा केवल छोटे अधिकारियों पर दर्ज किया गया है, जबकि ट्रस्ट के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा, गोपाल राव और चंपत राय की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राम मंदिर में कोई अनियमितता हुई है तो इसकी जिम्मेदारी सबसे पहले चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा की बनती है, लेकिन उनके पूर्व प्रधान सचिव रहने के कारण उन्हें बचाया जा रहा है।

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