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राम मंदिर चढ़ावा गबन: CCTV गायब, हुंडियों की चाबियां और SOP उल्लंघन का खुलासा

by | Jun 27, 2026 | News Featured

Ram Temple Donation Fraud: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले में विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच में दान प्रबंधन प्रणाली की कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चढ़ावे की रकम कैसे निकाली गई और कुल कितना गबन हुआ।

SOP के पालन में गंभीर लापरवाही

सूत्रों के मुताबिक, दान की गिनती के दौरान सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी, कर्मचारियों की तलाशी और CCTV फुटेज को 180 दिन तक सुरक्षित रखने जैसे तय मानकों (SOP) का पालन नहीं किया गया। पूर्व चालक रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के पास कई दानपात्रों (हुंडियों) की चाबियां थीं, जो नियमों के खिलाफ था। इन्हीं हुंडियों की नकदी के गबन की आशंका जताई गई है, हालांकि पूरा तरीका अभी जांच के दायरे में है।

ये SOP वर्ष 2025 में ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के अधिकारियों की बैठक में तैयार किए गए थे। इन्हें ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और SBI प्रतिनिधि गोविंद मिश्रा ने मंजूरी दी थी। नियमों में बिना जेब वाले कपड़े पहनना, SIS एजेंसी के सुरक्षा गार्ड तैनात करना, नियमित तलाशी और रैंडम जांच शामिल थी, लेकिन इनका पालन नहीं हुआ। CCTV फुटेज भी तय 180 दिनों के बजाय केवल 45 दिन तक सुरक्षित रखी गई।

जांच में क्या मिला?

SIT के अनुसार, आरोपी सुभाष श्रीवास्तव को दान गिनती प्रभारी ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों में से एक की सिफारिश पर नियुक्त किया गया था।

7 जून को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने चढ़ावा गबन का आरोप लगाया था, जिसे ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने आंतरिक ऑडिट का हवाला देते हुए खारिज कर दिया था। हालांकि 13 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित SIT ने छह दिन की जांच के बाद 23 जून को सरकार को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कथित गबन, कुप्रबंधन और प्रशासनिक लापरवाही की ओर संकेत किया गया। सूत्रों के अनुसार, मंदिर प्रबंधन में बड़े बदलाव की जरूरत महसूस की गई।

80 लाख नकद बरामद, 8 आरोपी गिरफ्तार

22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा के बाद, खासकर महाकुंभ के दौरान, मंदिर में चढ़ावे में भारी बढ़ोतरी हुई। SIT रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को FIR दर्ज हुई और अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, टिन्नू यादव ने अपने रिश्तेदार मनीष यादव को दान गिनती इकाई में नौकरी दिलाई थी।

अब तक छह आरोपियों से करीब 80 लाख रुपये नकद और कुछ विदेशी मुद्रा बरामद की गई है। सूत्रों के अनुसार, SIT गठन से ठीक पहले दान गिनती कक्ष के पास एक शौचालय से 2.5 लाख रुपये भी मिले थे। जांच अभी जारी है और इस मामले ने मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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