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Jharkhand: रामगढ़ की अवैध खदान बनी मौत का गड्ढा, जहरीली गैस ने ले ली 4 जिंदगियां

by | Jun 14, 2026 | State, झारखंड

Coal Mine Accident: झारखंड के रामगढ़ जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। जिले के एक क्षेत्र में संचालित कथित अवैध कोयला खदान में काम कर रहे चार मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय प्रशासन के साथ पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मजदूर खदान के अंदर कोयला निकालने के लिए उतरे थे, लेकिन भीतर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के कारण उनकी जान चली गई। यह हादसा एक बार फिर झारखंड में अवैध खनन की समस्या और उससे जुड़े सुरक्षा जोखिमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसे हादसे बार-बार सामने आते हैं।

कैसे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार मजदूर सुबह के समय खदान के भीतर कोयला निकालने के लिए गए थे। कुछ समय बाद जब वे बाहर नहीं लौटे तो अन्य लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने खदान के अंदर जाकर स्थिति का पता लगाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि खदान के भीतर जहरीली गैस जमा होने और पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होने के कारण मजदूर बेहोश हो गए। जब तक उन्हें बाहर निकाला जाता, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

मृतकों की पहचान में जुटा प्रशासन

हादसे के बाद प्रशासन ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की पहचान और उनके परिवारों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मजदूर किसके कहने पर खदान में काम करने गए थे। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और यदि अवैध खनन में किसी व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अवैध खनन पर फिर उठे सवाल

झारखंड देश के प्रमुख कोयला उत्पादक राज्यों में शामिल है। हालांकि कई क्षेत्रों में अवैध खनन की घटनाएं भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी खदानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिसके कारण दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अवैध खदानों में काम करने वाले मजदूर अक्सर बिना सुरक्षा उपकरणों और पर्याप्त प्रशिक्षण के काम करते हैं। ऐसे में गैस रिसाव, मिट्टी धंसने और ऑक्सीजन की कमी जैसी घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं।

ग्रामीणों में आक्रोश

घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध खनन की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी निगरानी नहीं की गई। उनका आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो यह हादसा टाला जा सकता था। कुछ लोगों ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठाई है। प्रशासन ने लोगों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।

पुलिस और जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है और खदान के संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रामगढ़ में अवैध कोयला खदान में हुई यह दुर्घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। चार मजदूरों की मौत ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। यह हादसा अवैध खनन और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के खतरों को भी उजागर करता है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार कौन है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है।

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