Rashmika Vijay Education Initiative: दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के चर्चित स्टार कपल रश्मिका मंदाना औरविजय देवरकोंडा ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की है। दोनों ने तेलंगाना के अचमपेट मंडल स्थित थुम्मनपेट गांव में 180 सरकारी स्कूल के छात्रों की पढ़ाई में सहयोग देने का फैसला किया है। यह पहल मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों को आगे की शिक्षा जारी रखने में मदद देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत अचमपेट मंडल के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं और 10वीं कक्षा के 180 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाएगी। दोनों कलाकारों ने पहले भी इस पहल की घोषणा की थी और अब गांव पहुंचकर इसे जमीन पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
विजय के पैतृक गांव से जुड़ा है भावनात्मक रिश्ता
कार्यक्रम के दौरान विजय देवरकोंडा ने बताया कि थुम्मनपेट वह गांव है जहां उनके पिता का जन्म हुआ था। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए केवल एक सामाजिक परियोजना नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने और समाज को कुछ लौटाने का प्रयास है। अभिनेता ने कहा कि वह भविष्य में इस पहल का विस्तार तेलंगाना के अन्य क्षेत्रों तक भी करना चाहते हैं।
रश्मिका ने कहा- यह मेरे ससुरजी का गांव है
कार्यक्रम में मौजूद रश्मिका मंदाना ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि अचमपेट और थुम्मनपेट अब उनके परिवार से जुड़े हुए हैं क्योंकि यह उनके ससुरजी का गांव है। रश्मिका ने कहा कि शिक्षा से बड़ा कोई निवेश नहीं होता और उन्हें खुशी है कि वे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस अभियान का हिस्सा बन रही हैं।
द देवरकोंडा फाउंडेशन के जरिए मिलेगी मदद
यह पूरी पहल विजय देवरकोंडा की सामाजिक संस्था The Deverakonda Foundation के माध्यम से संचालित की जा रही है। संस्था का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देकर उनकी पढ़ाई को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत चयनित छात्रों को शिक्षा से जुड़ी आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जाएगी ताकि आर्थिक परेशानियों के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
गांव में दिखा उत्साह, छात्रों का बढ़ा हौसला
स्टार कपल के गांव पहुंचने पर स्थानीय लोगों और छात्रों में काफी उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों और उनके परिवारों ने इस पहल का स्वागत किया। कई अभिभावकों का मानना है कि इस तरह की सहायता से बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और शिक्षा के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ेगा।
रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की यह पहल केवल 180 छात्रों को सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने का भी प्रयास है। अपने पैतृक गांव से शुरू की गई यह योजना आने वाले समय में कई अन्य विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकती है। शिक्षा के क्षेत्र में दोनों सितारों का यह कदम समाज सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।
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