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‘सोफा हिलने लगा, बोतल गिर गई’, कोलकाता में आए तेज भूकंप के झटकों से दहशत में निवासी

Kolkata Tremors News: राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने शुक्रवार को बताया कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में आए 5.5 तीव्रता के भूकंप के कारण कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के नयाबाजार क्षेत्र में था, जो कोलकाता से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अधिकारियों ने पुष्टि की कि भूकंप का असर राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से महसूस किया गया।

लोगों में दहशत और तुरंत प्रतिक्रिया

भूकंप के अचानक झटकों से लोगों में भय का माहौल बन गया। कई निवासी तत्काल घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों पर इकट्ठा हो गए। कोलकाता में कई कार्यालयों को खाली करवा दिया गया। कुछ लोगों ने बताया कि यह उनके जीवन में अब तक महसूस किए गए सबसे तेज झटके थे।

कोलकाता की निवासी स्वगता ने कहा, “हम सोफे पर बैठे थे, तभी अचानक झटके महसूस हुए। सोफा और पंखा हिल रहे थे, मेज पर रखी बोतल गिर गई। हमें तुरंत नीचे जाकर खुली जगह पर जाना पड़ा।” कई अन्य निवासियों ने भी बताया कि इमारत कई सेकंड तक हिलती रही, जिससे वे सदमे में थे।

शहर में झटकों के दृश्य

भूकंप के समय शहर के विभिन्न हिस्सों में छत के पंखे जोर से हिलते दिखाई दिए। मेज और अलमारियों पर रखी वस्तुएं गिरती रही। लोग अपने परिवार और प्रियजनों से संपर्क करने के लिए फोन का सहारा लेते नजर आए। कई स्थानों पर लोग नंगे पैर सड़कों पर इकट्ठा हुए। इसके अलावा, कुछ ने कहा कि वे इससे पहले कोलकाता में इतनी तीव्रता वाला भूकंप अनुभव नहीं कर चुके थे।

भारतीय समयानुसार दोपहर 1:22 बजे भूकंप आया। इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी और केंद्र का अक्षांश 22.57° उत्तर और देशांतर 89.11° पूर्व था। भूकंप का केंद्र दक्षिण-पश्चिमी बांग्लादेश के खुलना क्षेत्र और भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित था, जो सुंदरबन डेल्टा से भी निकट है।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भी 5.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया और पुष्टि की कि भूकंप का केंद्र पश्चिम बंगाल के टाकी से लगभग 23-26 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था।

क्यों महसूस हुए इतने तेज झटके

भूकंप का केंद्र कोलकाता से लगभग 100-150 किलोमीटर दूर होने के बावजूद झटके महसूस हुए, क्योंकि गंगा के डेल्टा क्षेत्र की नरम जलोढ़ मिट्टी भूकंपीय तरंगों को अधिक महसूस करने में सहायक होती है। USGS के अनुसार, 5.3 तीव्रता के भूकंप को मध्यम श्रेणी में रखा गया है, जो व्यापक क्षेत्र में ध्यान देने योग्य कंपन पैदा कर सकता है।

Yas Pal

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