S-400 India Russia Deal: रूस ने भारतीय वायुसेना के लिए S-400 ‘सुदर्शन’ एयर डिफेंस सिस्टम की 5 और स्क्वाड्रन खरीदने के टेंडर पर रक्षा मंत्रालय को अपना विस्तृत प्रस्ताव सौंप दिया है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, रूस का जवाब मिल चुका है और उस पर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इस डील की अनुमानित कीमत 50,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी जरूरत
मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 की प्रभावशीलता सामने आने के बाद अतिरिक्त सिस्टम की जरूरत महसूस हुई। भारत ने 2018 में पांच स्क्वाड्रन के लिए 5.43 अरब डॉलर की डील की थी। तीन स्क्वाड्रन पंजाब-जम्मू, राजस्थान-गुजरात और सिक्किम सेक्टर में तैनात हैं। चौथे स्क्वाड्रन की समुद्री डिलीवरी शुरू हो चुकी है, जबकि पांचवां नवंबर 2026 तक आने की उम्मीद है। यूक्रेन युद्ध के चलते सप्लाई में देरी हुई थी।
DAC से मिल चुकी है मंजूरी
मार्च 2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC ने पांच अतिरिक्त स्क्वाड्रन को मंजूरी दी थी। यह 2.38 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों का हिस्सा था। सूत्रों के अनुसार, 2018 की डील में मिली छूट के कारण इस फॉलो-ऑन ऑर्डर पर CAATSA प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। नए सिस्टम पूर्वी और पश्चिमी मोर्चों पर तैनात होंगे और ‘प्रोजेक्ट कुशा’ के साथ भारत का लेयर्ड एयर डिफेंस मजबूत करेंगे।
इंटरसेप्टर की भी होगी भरपाई
IAF करीब 10,000 करोड़ रुपये की मिसाइल खरीद से ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल S-400 इंटरसेप्टर्स की भरपाई भी कर रही है। सभी 10 स्क्वाड्रन तैनात होने पर भारतीय हवाई क्षेत्र ड्रोन, 4.5-जेनरेशन लड़ाकू विमानों और बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ बेहद मजबूत हो जाएगा।
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