Sambhal Demolition Action: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शनिवार को प्रशासन ने सरकारी रिकॉर्ड में कब्रिस्तान के लिए दर्ज भूमि पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। कसेरुआ गांव में स्थित मुस्तफा कादरी मस्जिद परिसर पर कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में बुलडोजर और क्रेन की मदद से निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
कई घंटों तक चला ध्वस्तीकरण अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सुबह शुरू हुई कार्रवाई कई घंटों तक जारी रही। क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई। गांव को सुरक्षा घेरे में रखते हुए चार थानों की पुलिस और अन्य बलों को मौके पर तैनात किया गया।
परिसर से पोस्टर और झंडा मिलने का दावा
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को परिसर से कुछ पोस्टर और एक हरे रंग का झंडा मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने इन वस्तुओं को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि बरामद सामग्री की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि ये सामान वहां कैसे पहुंचे और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद हुआ खुलासा
प्रशासन के मुताबिक, संबंधित भूमि गाटा संख्या 409 में दर्ज है और इसे कब्रिस्तान के उपयोग के लिए आरक्षित किया गया था। वर्ष 2026 की शुरुआत में राजस्व विभाग द्वारा कराई गई पैमाइश के दौरान इस भूमि पर निर्माण और कब्जे का मामला सामने आया था।
इसके बाद मामले को कानूनी प्रक्रिया के तहत तहसीलदार न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रशासन का कहना है कि सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष को अपने दावे के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, लेकिन पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
अपील खारिज होने के बाद शुरू हुई कार्रवाई
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के अनुसार, तहसीलदार न्यायालय ने भूमि को कब्जामुक्त कराने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ उच्च स्तर पर अपील की गई, लेकिन अपील निरस्त होने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अमल में लाने का निर्णय लिया।
कब्रिस्तान के उपयोग के लिए उपलब्ध कराई जाएगी भूमि
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गांव के लोगों द्वारा कब्रिस्तान के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई थी। इसी के बाद रिकॉर्ड की समीक्षा और सीमांकन कराया गया, जिसमें आरक्षित भूमि पर निर्माण की स्थिति सामने आई।
प्रशासन का कहना है कि कब्जा हटाने के बाद भूमि को ग्राम सभा के माध्यम से उसके निर्धारित उद्देश्य यानी कब्रिस्तान के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
शांति बनाए रखने की अपील
फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कायम है और पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
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