Sam Pitroda News: इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने भारतीय अर्थव्यवस्था से लेकर RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान और ‘दिमागी नक्सल’ जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी है। पित्रोदा ने GDP वृद्धि के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। वहीं, न्यूयॉर्क में भागवत के बयान को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की। प्रधानमंत्री मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर पित्रोदा ने कहा कि गरीबों के लिए आवाज उठाने वाला नक्सली नहीं हो सकता।
GDP बढ़ने पर सैम पित्रोदा ने उठाए सवाल
भारत की पहली तिमाही में 7.8% GDP वृद्धि के आंकड़ों पर सैम पित्रोदा ने सवाल उठाए हैं। शिकागो में उन्होंने कहा कि सिर्फ GDP बढ़ना काफी नहीं है, यह भी देखना जरूरी है कि इस वृद्धि का फायदा किसे मिल रहा है। पित्रोदा ने पूछा कि क्या आर्थिक विकास का लाभ देश की आम जनता तक पहुंच रहा है या इससे सिर्फ कुछ गिने-चुने लोगों और अरबपतियों को फायदा हो रहा है।
पित्रोदा ने राहुल गांधी को बताया मजबूत नेता
हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद में राहुल गांधी के खिलाफ FIR को लेकर सैम पित्रोदा ने उनका बचाव किया। उन्होंने राहुल गांधी को मजबूत और ठोस नेता बताते हुए कहा कि उनमें बौद्धिक क्षमता, दृढ़ता, साहस और अपने विचारों के प्रति प्रतिबद्धता है। पित्रोदा ने साथ ही देश की संस्थाओं की स्वतंत्रता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के ज्यादा केंद्रीकरण की वजह से न्यायपालिका, चुनाव आयोग, ED, आयकर विभाग और पुलिस जैसी संस्थाएं सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने से डरती हैं।
‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी पर सैम पित्रोदा का पलटवार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी पर सैम पित्रोदा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई गरीबों, दलितों या अल्पसंख्यकों के लिए आवाज उठाता है, तो उसे नक्सली या कम्युनिस्ट कहना गलत है। पित्रोदा ने ऐसी टिप्पणियों को ‘बकवास’ बताते हुए कहा कि उनके लिए इंसानियत हर चीज से ऊपर है और सभी लोग एक ही जगह से आए हैं।

