Satya Niketan PG News: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद आसपास रहने वाले छात्रों की परेशानियां बढ़ गई हैं. छात्रों का आरोप है कि कई PG संचालक सिक्योरिटी मनी वापस नहीं कर रहे हैं और दूसरी जगह जाने में भी दिक्कतें खड़ी की जा रही हैं.
नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद इलाके में रहने वाले छात्रों के सामने नई परेशानियां खड़ी हो गई हैं. सुरक्षा को लेकर चिंतित कई छात्र PG और हॉस्टल छोड़कर दूसरी जगह जाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका आरोप है कि संचालक जमा की गई सिक्योरिटी मनी वापस नहीं कर रहे हैं.
छात्रों की ओर से खाने और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें भी सामने आई हैं. मामले को लेकर मैत्रेयी कॉलेज प्रशासन ने भी पुलिस से शिकायत की है.
PG छोड़ना चाहते हैं छात्र, लेकिन पैसा अटका
सत्य निकेतन में रहने वाले कई छात्रों का कहना है कि PG में प्रवेश के समय उनसे किराए के अलावा सिक्योरिटी डिपॉजिट और एडवांस रकम ली जाती है. अब हादसे के बाद जब छात्र सुरक्षित जगह पर जाना चाहते हैं तो उन्हें जमा रकम वापस मिलने में परेशानी हो रही है.
एक छात्रा ने बताया कि PG में रहने के लिए एक महीने के किराए के बराबर सिक्योरिटी डिपॉजिट लिया गया था. अब PG खाली करने के बावजूद संचालक की ओर से पैसा वापस नहीं किया जा रहा है.
कई छात्रों से लिया गया था एडवांस भुगतान
छात्रों के मुताबिक, कुछ PG संचालक एक साथ कई महीनों का भुगतान पहले ही ले लेते हैं. एक छात्रा ने बताया कि उनसे पहले महीने का किराया, सिक्योरिटी डिपॉजिट और अतिरिक्त एडवांस रकम ली गई थी.
ऐसे में PG छोड़ने की स्थिति में छात्रों को अपनी जमा रकम वापस पाने को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. छात्रों का कहना है कि अचानक जगह बदलने के लिए उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है.
खाने की सुविधा को लेकर भी शिकायत
PG छोड़ने और सुरक्षा से जुड़ी परेशानी के बीच छात्रों ने खाने को लेकर भी शिकायत की है. मैत्रेयी कॉलेज की प्रोफेसर स्मृति के मुताबिक, कई छात्रों को PG में खाना तक नहीं मिल रहा है.
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में हॉस्टल की कमी का मुद्दा भी उठाया. उनका कहना है कि छात्रों के लिए उपलब्ध हॉस्टल की संख्या जरूरत के मुकाबले काफी कम है. ऐसे में PG पर निर्भर छात्रों के सामने हादसे के बाद रहने की समस्या और गंभीर हो गई है.
छात्रों को धमकाने के भी आरोप
प्रोफेसर स्मृति ने आरोप लगाया कि कुछ छात्रों को PG संचालकों की ओर से दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है. उनका कहना है कि छात्रों को बाहर की किसी पूछताछ में PG के बारे में जानकारी नहीं देने के लिए कहा जा रहा है.
हालांकि, इन आरोपों को लेकर पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई का इंतजार है. छात्रों की सुरक्षा और उनके जमा पैसे वापस मिलने का मुद्दा फिलहाल सबसे अहम बना हुआ है.
छात्रों ने जरूरतमंद साथियों के लिए की मदद
PG में खाने की परेशानी से जूझ रहे छात्रों की मदद के लिए मैत्रेयी कॉलेज की कुछ छात्राओं ने पहल की है. उन्होंने जरूरतमंद छात्रों के लिए बिस्किट और जूस की व्यवस्था की है.
छात्राओं का कहना है कि कई विद्यार्थी पिछले कुछ दिनों से खाने की समस्या से जूझ रहे हैं. ऐसे में उन्होंने अपनी तरफ से जरूरी सामान उपलब्ध कराने की कोशिश की.
हादसे के बाद सामने आई रहने की बड़ी समस्या
सत्य निकेतन की घटना ने दिल्ली में छात्रों के लिए उपलब्ध सुरक्षित और किफायती आवास की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. बड़ी संख्या में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र PG और निजी हॉस्टल पर निर्भर हैं.
हादसे के बाद छात्रों के सामने एक तरफ सुरक्षा की चिंता है, वहीं दूसरी तरफ PG खाली करने पर सिक्योरिटी मनी और एडवांस भुगतान वापस पाने की समस्या बनी हुई है. अब छात्रों की मांग है कि प्रशासन उनकी शिकायतों पर कार्रवाई करे और उन्हें सुरक्षित रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए.

