Saugata Roy JP Nadda Photo Controversy: संसद के मानसून सत्र के दौरान सामने आई एक तस्वीर ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का माहौल बना दिया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद Sougata Roy की केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष J. P. Nadda के साथ तस्वीर वायरल होने के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। हालांकि अब सौगत रॉय ने स्वयं सामने आकर इन चर्चाओं पर सफाई दी है।
संसद कैंटीन की तस्वीर बनी चर्चा का विषय
संसद परिसर की कैंटीन में ली गई तस्वीरों में सौगत रॉय और तृणमूल कांग्रेस के सांसद Shatrughan Sinha को जेपी नड्डा के साथ देखा गया। तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या विपक्ष और सत्तापक्ष के नेताओं के बीच कोई नई राजनीतिक नजदीकी बन रही है। हालांकि तस्वीरों के आधार पर लगाए जा रहे इन कयासों को सौगत रॉय ने सिरे से खारिज कर दिया।
सौगत रॉय ने क्या कहा
सौगत रॉय ने स्पष्ट किया कि वह जेपी नड्डा के साथ बैठकर भोजन नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संसद की कैंटीन में कई सांसद एक ही समय पर मौजूद रहते हैं और तस्वीरों को देखकर गलत निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उनका कहना है कि वह वहां मौजूद जरूर थे, लेकिन इसे किसी राजनीतिक संदेश या दल बदल की संभावना से जोड़ना पूरी तरह गलत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता और पार्टी के प्रति निष्ठा पहले जैसी ही है।
तस्वीरों के बाद बढ़ीं अटकलें
वायरल तस्वीरों में एक दृश्य ऐसा भी था जिसमें जेपी नड्डा मेज पर बैठे हुए दिखाई दे रहे थे, जबकि सौगत रॉय पास में खड़े नजर आ रहे थे। इसी तस्वीर के आधार पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद सत्र के दौरान विभिन्न दलों के नेताओं के बीच अनौपचारिक मुलाकातें सामान्य बात होती हैं। ऐसे में केवल तस्वीरों के आधार पर किसी बड़े राजनीतिक बदलाव का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी हो सकती है।
मानसून सत्र के बीच बढ़ी राजनीतिक चर्चा
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। ऐसे माहौल में नेताओं की छोटी-छोटी मुलाकातें भी चर्चा का विषय बन जाती हैं। सौगत रॉय की सफाई के बाद फिलहाल उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें तस्वीरों को राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा था।
संसद कैंटीन में जेपी नड्डा और सौगत रॉय की तस्वीरों ने कुछ समय के लिए राजनीतिक हलकों में हलचल जरूर पैदा की, लेकिन टीएमसी सांसद की सफाई के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। उन्होंने साफ कहा है कि तस्वीरों को राजनीतिक अर्थ देना गलत है और यह केवल एक सामान्य संसदीय माहौल की झलक थी।
ये भी पढ़ें: https://newsindia24x7.tv/assembly-byelection-voting-percentage-bankipur-manjalpur-datia/

